बेअदबी मामले की जांच पंजाब पुलिस की एसआईटी के स्थान पर सीबीआई से करवाने की मांग को लेकर दाखिल राम रहीम की याचिका पर मंगलवार को लंबी बहस हुई। इसके बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई तीन अगस्त को तय कर दी। पंजाब सरकार ने पिछली सुनवाई पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की याचिका पर जवाब दाखिल करते हुए बताया था कि पंजाब सरकार ने सीबीआई जांच का आदेश वापस लेते हुए विधानसभा में प्रस्ताव पास किया था।
हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी थी। सरकार ने कहा था कि इस प्रकार अब फिर से इस मांग को लेकर याचिका दाखिल करना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि राम रहीम की याचिका को खारिज किया जाए।
यह थी राम रहीम की दलीलें
राम रहीम ने बताया कि इस मामले को गंभीर मानते हुए पंजाब सरकार ने जांच 2015 में एसआईटी को सौंपी थी। इसके बाद सरकार बदलते हुए विधानसभा में प्रस्ताव लाकर सीबीआई से जांच वापस ले ली गई। राम रहीम ने कहा कि एक आरोपी के बयान के आधार पर याची को जांच में शामिल करने के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए गए। हाईकोर्ट के दखल के बाद पंजाब पुलिस को सुनारिया जेल से ही पूछताछ में शामिल किया गया। याची ने कहा कि उसे इस मामले में फंसाया जा रहा है। इस मामले में सीबीआई जांच बेहद जरूरी है।