सुनवाई के दौरान आदेश के अनुसार पंजाब सरकार ने जेलों में जैमर, सीसीटीवी, नाइलॉन नेट, बॉडी स्कैनर आदि का काम पूरा करने के लिए समय सीमा सौंपी। छह माह से डेढ़ वर्ष की समय सीमा को हाईकोर्ट ने अस्वीकार करते हुए नए सिरे से समय सीमा तय करने का सरकार को आखिरी मौका दिया है। हाईकोर्ट ने इस दौरान केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि जिन कार्यों को पूरा करने में केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है वहां यह सुनिश्चित किया जाए कि इस कार्य में समय न लगे। हाईकोर्ट ने कहा कि जेलों से विचाराधीन कैदी पीड़ितों को वीडियो कॉल कर रहे हैं, इससे बुरा और क्या हो सकता है।
लॉरेंस के जेल इंटरव्यू को लेकर दो एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि लॉरेंस बिश्नोई के हिरासत में दो इंटरव्यू हुए थे और दोनों की जांच के लिए दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी जांच शुरू कर चुकी है। लॉरेंस के इंटरव्यू को सोशल मीडिया से हटाया जा चुका है। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी एसआईटी को जांच के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए इसलिए उन्हें फिलहाल निर्देश की आवश्यकता नहीं है।