पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) के 100 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मियों को सेवानिवृत्ति लाभ और अन्य बकाया तीन महीनों में जारी करने का निर्देश दिया है। इन कर्मियों की पहले भाखड़ा कंस्ट्रक्शन बोर्ड और ब्यास सतलुज वर्क प्रोजेक्ट में वर्क चार्जेस आधार पर नियुक्ति हुई थी, लेकिन प्रोजेक्ट का काम पूरा होने के बाद इन्हें सेवा से हटा दिया गया था।
हालांकि, कुछ दिनों बाद ही इन सभी को बोर्ड में वर्क चार्ज आधार पर दोबारा नियुक्ति दे दी गई थी। उधर, सेवानिवृत्ति के वक्त उनकी पहली नियुक्ति के कार्यकाल को सेवालाभ के लिए नहीं गिना गया था। इसके खिलाफ कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पिछले सेवाकाल को सेवालाभ के लिए गिने जाने की मांग की थी।
इसी हिसाब से पेंशन व सेवानिवृत्ति के अन्य लाभ भी मांगे थे। याचिका की सुनवाई के दौरान बोर्ड ने इनकी पहले की नियुक्ति की बात स्वीकार की थी, लेकिन यह कहते हुए पिछले सेवाकाल का लाभ देने से इनकार कर दिया कि बोर्ड में उनकी दोबारा नियुक्ति नए सिरे से हुई थी।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पिछले सेवाकाल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लिहाजा इन कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति लाभ व पेंशन के लिए पिछले सेवाकाल को भी गिना जाए और तीन महीने में इसी हिसाब से लाभ दिए जाएं।