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पंजाब : सुखबीर सिंह बादल को हाईकोर्ट से राहत, गैर जमानती वारंट पर लगाई रोक

Wed, 09 Dec 2020 08:16 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सुखबीर सिंह बादल। (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ जिला अदालत द्वारा 17 नवंबर को जारी जमानती वारंट और नौ दिसंबर को जारी गैर जमानती वारंट पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले के शिकायतकर्ता को 18 जनवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।

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सुखबीर बादल ने 17 नवंबर को जारी जमानती वारंट के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। सुखबीर बादल ने अपने खिलाफ अखंड कीर्तनी जत्थे के राजिंदर पाल सिंह द्वारा दायर मानहानि की शिकायत को भी रद्द करने की हाईकोर्ट से मांग की है। याचिका में उन्होंने कहा है कि चंडीगढ़ की जिला अदालत ने सभी तथ्यों पर गौर किए बिना इस शिकायत के आधार पर ही उनके खिलाफ पहले चार मार्च को समन जारी कर दिए थे और बाद में 17 नवंबर को जमानती वारंट जारी किया। 


उन्होंने कहा कि जिस प्रेसवार्ता का हवाला दिया गया है, वह मोहाली में हुई थी। ऐसे में चंडीगढ़ की अदालत को इस शिकायत को सुनने का अधिकार नहीं है। समन जिस पते पर भेजा गया वह वहां रहते ही नहीं हैं। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि बुधवार को जिला अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।
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हाईकोर्ट ने दोनों वारंट पर रोक लगाते हुए शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही दस दिन के भीतर सुखबीर बादल को जिला अदालत में पेश होकर श्योरिटी बॉन्ड भरने का आदेश दिया है। जनवरी 2017 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पंजाब दौरे पर सुखबीर बादल ने बयान देते हुए कहा था कि केजरीवाल पंजाब में आतंकवादियों से मिल रहे हैं और अखंड कीर्तनी जत्थे के साथ नाश्ता किया है, जोकि आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का राजनीतिक फ्रंट है। 

उन्हें पंजाब की प्रकृति, परंपरा और पंथ के बारे में कुछ नहीं पता। भगवान न करे अगर पंजाब में आप पार्टी की सरकार आती है तो आप पार्टी यहां अराजकता फैला देगी। इसी को लेकर ही उनके खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज करवाई गई है। सुखबीर बादल का कहना है कि इस बयान में उन्होंने शिकायतकर्ता का नाम तक तक नहीं लिया है और वैसे भी उस समय वह पंजाब के गृह मंत्री भी थे और ऐसे में राज्य में कानून व्यवस्था को देखना उनकी जिम्मेदारी थी। 

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