सैंपलों की समीक्षा के बाद आएगा फैसला
हाईकोर्ट ने कहा कि पहले इन सैंपलों की समीक्षा होगी और इसके बाद आगे फैसला सुनाया जाएगा। इस दौरान याची पक्ष ने कहा कि यदि चयनित लोगों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए गए तो याचिका का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक को 17 अगस्त तक बढ़ा दिया है। कोर्ट ने कहा कि अब हमारे सामने यह सवाल है कि नार्मलाइजेशन परसेंटाइल जैसा मेथड अपनाना उचित है या नहीं।
दोनों ही भर्ती विवादों में घिरी रहीं
13 दिसंबर 2020 को 5500 पुरुष सिपाही के पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें 8 लाख 39 हजार युवाओं ने आवेदन किया था। सिपाही पुरुष भर्ती का पेपर 7 अगस्त 2021 को लीक हो गया था। 30 अक्तूबर, एक और दो नवंबर 2021 को दोबारा लिखित परीक्षा हुई। परीक्षा में 3 लाख 89 हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, कद के माप को लेकर भी काफी संख्या में युवा हाईकोर्ट पहुंचे थे।
यह है विवाद
इस भर्ती में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा नार्मलाइजेशन परसेंटाइल मेथड को अपनाने को चुनौती दी गई थी। इस पर आयोग ने कोर्ट को बताया था कि भारतीय सांख्यिकी संस्थान, दिल्ली की सलाह पर आयोग ने यह मेथड अपनाया है। इस पर भारतीय सांख्यिकी संस्थान ने कोर्ट को बताया था कि यह मेथड तभी अपनाया जा सकता है जब लिखित परीक्षा के बाद फाइनल मेरिट सूची बनाई जाती है लेकिन इस भर्ती में लिखित परीक्षा के बाद सामाजिक-आर्थिक के अंक व शारीरिक परीक्षा के अंक भी जुड़ने है।