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अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास खनन पर रोक: इससे रावी नदी की बदल रही थी धारा, BSF और सेना ने जताई थी चिंता

Mon, 29 Aug 2022 07:25 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बीएसएफ और सेना ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी और कहा कि अवैध खनन अंतरराष्ट्रीय सरहद के लिए चिंता का बड़ा विषय है। अवैध तरीके से खनन होने के चलते सीमा के आसपास गढ्ढे बन गए हैं। इन गढ्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा होता है। 
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने अवैध खनन के चलते रावी नदी का रुख धीरे-धीरे बदलने और इससे सीमा पर की गई तारबंदी से होने वाले नुकसान के बारे में सोमवार को हाईकोर्ट को जानकारी दी। इस जानकारी के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरदासपुर व पठानकोट में सीमा से लगते क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। 

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साथ ही पंजाब सरकार को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। पंजाब सरकार ने सोमवार को अवैध खनन मामले में अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी। पंजाब सरकार ने बताया कि उनकी और बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में बीएसएफ ने जो चिंता जताई थी, उस विषयों पर कार्रवाई की जा रही है। 

बीएसएफ कि मांग थी कि स्टोन क्रशर का काम सुबह छह से शाम सात के बीच हो और रात में इस पर पाबंदी रहे। यहां काम कर रहे मजदूरों की शिनाख्त की जाए। खनन सामग्री के वाहन केवल दिन में ही चलें और इनके बारे में बीएसएफ को जानकारी हो। इन मुद्दों को हल करने की दिशा में काम किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार के जवाब पर असंतुष्टि जता दी है।
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बीएसएफ और सेना ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपी और कहा कि अवैध खनन अंतरराष्ट्रीय सरहद के लिए चिंता का बड़ा विषय है। अवैध तरीके से खनन होने के चलते सीमा के आसपास गढ्ढे बन गए हैं। इन गढ्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा होता है। 

इसके साथ ही यह गढ्ढे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगार साबित हो रहे हैं। खनन दिन-रात होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इस शोर का फायदा उठाकर ड्रोन सीमा पार करवा कर भारत भेजे जाते हैं। ड्रोन के माध्यम से नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई तक खनन पर रोक लगा दी है और पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

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अवैध खनन से पंजाब को हर वर्ष हजारों करोड़ के राजस्व का नुकसान
इस मामले में चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। पंजाब सरकार को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही अवैध खनन करते हुए नियमों और मानकों को ताक पर रख दिया जाता है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि प्राकृतिक आपदा का भय भी बढ़ जाता है। हाईकोर्ट ने इस मामले में अब फिलहाल सीमा से जुड़े क्षेत्र में खनन पर खुद को केंद्रित किया है।

सीमा से जुड़े क्षेत्र में खनन के बहाने हो रही तस्करी
अवैध खनन को लेकर याचिका पर सुनवाई के दौरान सेना ने सीमा संकट के अतिरिक्त तस्करी बढ़ने की जानकारी भी दी। सेना ने कहा कि बीते कुछ समय से सीमा के पास ड्रोन की संख्या बढ़ गई है। ड्रोन के माध्यम से तस्करी और इस सामग्री को खनन सामग्री के साथ बाहर निकालने की संभावनाओं से इन्कार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में सेना ने खनन का समय केवल दिन के समय करने का पंजाब सरकार को सुझाव भी दिया है।
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