पूर्व डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को गुरुवार तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। चट्टोपाध्याय ने खालसा दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा के बेटे इंदरप्रीत चड्ढा की आत्महत्या के मामले में किसी भी कार्रवाई से पहले याची को सात का दिन का नोटिस देने की मांग की है।
खालसा दीवान के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह चड्ढा के बेटे इंदरप्रीत चड्ढा आत्महत्या मामले में तीन जनवरी 2018 को अमृतसर के एयरपोर्ट पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। आत्महत्या के मामले में चट्टोपाध्याय का नाम सामने आया था। उस समय पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में पंजाब में हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार मामले में लिए गए संज्ञान पर सुनवाई चल रही थी।
उस याचिका में अर्जी दाखिल करते हुए चट्टोपाध्याय ने कहा था कि उन्हें हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार में पुलिस अधिकारियों की संलिप्तता की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है। इस मामले में उन पर दबाव बनाया जा रहा है और ऐसे में उन्हें आशंका है कि किसी झूठे मामले में उन्हें फंसाया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने तब आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में हो रही जांच पर रोक लगा दी थी। बीते दिनों हाईकोर्ट ने हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार को लेकर लिए गए संज्ञान का निपटारा कर दिया था। इस आदेश के साथ ही पंजाब पुलिस के निवेदन पर हाईकोर्ट ने इंदरप्रीत चड्ढा आत्महत्या के मामले में जांच पर लगाई गई रोक को भी हटा दिया था। ऐसे में अब इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली है। याचिका में अनुरोध किया गया है कि उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई से पहले सात दिन का नोटिस दिया जाए।