नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के मामले में फंसे कांग्रेस के विधायक सुखपाल खैरा की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि उनके खिलाफ कितने मामले दर्ज हैं और उनमें क्या सबूत हैं? याचिका में उन्होंने झूठे मामले में फंसाने की आशंका जताई है और हाईकोर्ट से अपील की है कि यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाए तो उससे पहले उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाए।
खैरा ने याचिका में बताया कि 2015 में दर्ज एनडीपीएस के मामले में नियमित जमानत की मांग को लेकर उनकी याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इससे पहले हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी व निचली अदालत द्वारा हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख चुका है। याची को आशंका है कि यदि उन्हें हाईकोर्ट से राहत मिलती है तो कोई फर्जी मामला बनाकर उसके खिलाफ सरकार फिर से कार्रवाई कर सकती है। ऐसे में सरकार को इस बारे में उचित निर्देश जारी किए जाएं।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि सरकार याची को राजनीतिक कारणों से परेशान कर रही है। ऐसे में कोर्ट उसके खिलाफ सरकार के पास मौजूद सामग्री को तलब कर उसकी जांच करे। हाईकोर्ट ने इस पर पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि याची के खिलाफ जो मामले दर्ज हैं और उसमें उनके खिलाफ जो सबूत मौजूद हैं उनकी जानकारी अगली सुनवाई पर सौंपी जाए।