डेरा सच्चा सौदा में बीते वर्षों में हुई आत्महत्याओं की सीबीआई जांच की अपील लेकर एडवोकेट मोहिंदर सिंह जोशी द्वारा दाखिल अर्जी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अर्जी में कहा गया है कि डेरे में हुई आत्महत्याएं डेरामुखी के दबाव में होने तथा इसके पीछे साजिश होने की पूरी संभावना हैं। ऐसे में सीबीआई ही इस मामले की जांच कर सच सामने ला सकती है।
जोशी ने अर्जी में कहा कि हाईकोर्ट के सामने मिलिट्री इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट रखी गई थी, जिसमें बताया गया था कि डेरे में लोगों को मिलिट्री ट्रेनिंग दी जा रही है। इस बारे में संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई आरंभ की थी। उस मामले में डेरे के एक पूर्व अनुयायी राम कुमार बिश्नोई ने वर्ष 2015 में डेरे में हुई आत्महत्याओं की सीबीआई जांच की अपील करते हुए अर्जी दाखिल की थी।
राम कुमार ने अर्जी में कहा था कि डेरे में कई लोगों ने आत्महत्या की है, जिनमें से एक डेरे के स्कूल होस्टल में बीए की स्टूडेंट भी शामिल है। इस अर्जी पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित डेरामुखी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। तब हाईकोर्ट ने मुख्य याचिका पर फैसला सुना दिया था लेकिन इस अर्जी का निपटारा नहीं किया गया।
ऐसे में अब जोशी ने एक बार फिर वर्ष 2015 में हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान के मामले में इस मांग को लेकर अर्जी दायर कर दी है। अर्जी में आरोप लगाया गया है कि डेरे में आत्महत्याएं और हत्याएं हुई हैं जिनके पीछे एक षड्यंत्र है और यह सभी डेरामुखी के दबाव में हुआ है। पुलिस ने इन मामलों में कोई भी कार्रवाई अब तक नहीं की है।