पंजाब में राष्ट्रीय राजमार्ग- 44 पर टोल की वसूली के बावजूद सुविधाएं न होने के आरोप पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भारत सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से जवाब तलब किया है। मामले में याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना निवासी राजेश थोर व अन्य ने एडवोकेट संजीव गुप्ता के माध्यम से कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पंजाब से होकर जाता है।
यह पंजाब के जिन हिस्सों से गुजरता है, वहां टोल की वसूली की जाती है। टोल की वसूली के लिए कुछ प्रावधान निर्धारित हैं, जिसके तहत तय सुविधाएं दी जानी जरूरी हैं। पंजाब में टोल की वसूली के बावजूद हाईवे पर व्यवस्था नाम की चीज नहीं है। न तो सही प्रकार से अंडरपास बनाए गए हैं और न ही पार्किंग को लेकर कोई इंतजाम हैं। यह हाईवे पठानकोट, जालंधर, लुधियाना से गुजरता है। याची ने कहा कि टोल की राशि केवल राह पर गाड़ी चलाने के लिए नहीं, बहुत सारी सुविधाओं के बदले वसूली जाती है।
सुविधाएं न देना यात्रियों से धोखा
राष्ट्रीय राजमार्ग- 44 पर टोल की वसूली तो की जा रही है लेकिन इसके बदले में जो सुविधाएं देने का वादा किया गया था, वे नहीं दी जा रही हैं। ऐसा करना सीधे-सीधे यात्रियों के साथ धोखा है। इसके साथ ही याची ने कहा कि इस रोड़ पर सही व्यवस्था न किए जाने, जानवरों को नियंत्रित न करने और अवैध पार्किंग व कब्जों के कारण लगातार हादसे की संख्या बढ़ती जा रही हैं। याची ने हाईकोर्ट से भारत सरकार और एनएचएआई को उचित निर्देश जारी करने की अपील की।