Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
पंजाब में विभिन्न योजनाओं के तहत कार्य कर रहे टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को हाईकोर्ट ने तीन माह में वेतन जारी करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने एडवोकेट जनरल को कहा कि वे एक माह में इस पर फैसला लें और तीन माह के अंदर वेतन जारी करें।
याचिका दाखिल करने वाले एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने कोर्ट में कहा कि शिक्षक वेतन न मिलने के कारण प्रदर्शन करने को मजबूर हैं। ऐसे में यहां पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य रामभरोसे ही है। अभी कुछ ही दिन पहले एक शिक्षा प्रोवाइडर चन्ना सिंह ने पांच महीनों से वेतन न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली थी।
कई महीनों से इन्हें नहीं मिला वेतन :
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत 6339 टीजीटी/ईटीटी शिक्षक, 1400 गैर शिक्षकों
410 इंक्लूसिव एजुकेशन वालंटियर्स, सैकड़ों एजुकेशन प्रोवाइडर्स
पीआईसीटीयूएस के कंप्यूटर फैकल्टी के 6800 कर्मी
2300 पंचायत सचिव
बीडीपीओ कार्यालय के तहत कार्यरत 211 कंप्यूटर टीचर्स
सेवा केंद्रों के 500 से अधिक क्लर्क
(दायर याचिका के मुताबिक इनमें से कई तो ऐसे हैं जिन्हें 15 माह से वेतन नहीं मिला है।)