हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर अवैध खनन रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में पंजाब पीने के पानी को तरस जाएगा। सुनवाई के दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि खनन राज्य का विषय है लेकिन रक्षा मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्टीय सीमा के 20 किलोमीटर क्षेत्र में खनन से पूर्व उनसे परामर्श आवश्यक है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने अब रक्षा मंत्रालय को वैध खनन को लेकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
बीएसएफ व सेना उठा चुकी है सवाल
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सेना इससे पहले हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कह चुकी है कि अवैध खनन के चलते सीमा के आस-पास गढ्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के चलते रावी नदी अपनी दिशा बदल रही है। ऐसा होने से सीमा पर की गई तारबंदी के लिए बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। इसके साथ ही यह गड्ढे आतंकवादियों व असामाजिक तत्वों के लिए पनाहगार साबित हो रहे हैं। खनन दिन-रात होने के चलते हर तरफ शोर रहता है और इस शोर का फायदा उठा कर ड्रोन सीमा सीमा पार करवाए जाते हैं और इससे नशा और हथियार भारत भेजे जाते हैं।