माननीयों पर लंबित आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे के लिए हाईकोर्ट की ओर से लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि बड़े-बड़े नेताओं के मामले में ट्रायल पर लगी रोक हटाने के लिए जांच एजेंसियां कदम नहीं उठा रही हैं। हाईकोर्ट ने अब जांच एजेंसियों को ट्रायल से रोक हटवाने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया है, जिससे माननीयों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं।
सोमवार को मामले की सुनवाई शुरू होते ही हाईकोर्ट को सहयोग दे रहे सीनियर एडवोकेट रुपिंदर खोसला ने हाईकोर्ट को बताया कि कई बड़े नेता हैं, जिनके खिलाफ ट्रायल पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई है। इन नेताओं में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम शामिल है। इनके मामलों में ट्रायल पर रोक हटाने के लिए जांच एजेंसियां कोई कदम नहीं उठा रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि माननीयों पर लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए लेकिन जांच एजेंसियां इस दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही हैं। जांच एजेंसियों को चाहिए कि वह इन सभी केसों में अर्जियां दायर कर रोक के आदेश को हटवाएं, ताकि इन केसों का निपटारा हो सके। हाईकोर्ट ने केस की सुनवाई नौ नवंबर तक स्थगित करते हुए अगली सुनवाई पर जांच एजेंसियों को स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
बैंस के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले में लगाई फटकार
विधायक सिमरजीत बैंस के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म के मामले में एसआईटी गठित होने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर अब तक की कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का पंजाब सरकार को आदेश दिया है। गौरतलब है कि पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने एसआईटी को आदेश दिया था कि इस मामले की जांच चार सप्ताह के भीतर पूरी की जाए।