महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस द्वारा केवल प्राथमिक जांच करने को गलत करार देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि संज्ञेय अपराध की सूचना पर एफआईआर दर्ज करना पुलिस के लिए अनिवार्य है। हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ ही शिकायत के आधार पर महिला की हत्या के मामले में उसके बेटे, बहू, बहू के मायके वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
दिल्ली निवासी हितेश भारद्वाज ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया उसके सगे भाई पर पिता के कत्ल का इल्जाम था, जिसके चलते उसने दिल्ली में सात साल ट्रायल झेला। इसके बाद वह बरी हो गया और याची की मां पर दबाव बनाकर वसीयत करवाई और पूरी प्रॉपर्टी अपने नाम लिखवा ली। हितेश ने याचिका में बताया कि उसकी मां ने मृत्यु से कुछ दिन पहले बताया था कि उसने अपनी वसीयत बदल दी है और उसे और उसके चचेरे भाई को बराबर का हिस्सेदार बनाया है। मां के इस फैसले से उसका भाई गुस्से में था।