मोटर वाहनों की जगह साइकिल पर सवार होकर चलने वालों के लिए साइकिल ट्रैक सुरक्षित नहीं हैं। साइकिल के लिए बने ट्रैक पर मोटर साइकिल और कारें चलती दिख रहीं हैं जिससे ये मौत के ट्रैक बनते जा रहे हैं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी साइकिल ट्रैक की स्थिति को लेकर ट्रैफिक पुलिस को फटकार लगाते हुए की है।
एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि शहर में साइकिल सवारों की सुरक्षा के लिए बनाए गए ट्रैक सुरक्षित क्यों नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि इन साइकिल ट्रैक्स पर अब कारें और बाइक चलती दिखाई देने लगी हैं। कोर्ट ने कहा कि शहर में ट्रैफिक नियमों का पालन हो, इसके लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। साइकिल और साइक्लिंग को भी प्रमोट किया जाता है तो साइकिल सवारों की ट्रैक पर सुरक्षा के प्रति लापरवाही क्यों बरती जा रही है।
कोर्ट ने कहा कि इन ट्रैक की स्थिति यह है कि अब यह साइकिल ट्रैक न लगकर पैरलल ट्रैक नजर आने लगे हैं, जहां साथ लगती सड़क की तरह बाइक और कारें चल रही हैं। इस मामले में अब हाईकोर्ट ने संज्ञान ले चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछ लिया है कि क्या साइकिल ट्रैक्स हैं या पैरलल ट्रैक्स, जहां अब कार और बाइक चलाए जा रहे हैं।
जस्टिस अमोल रतन सिंह ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही का ही नतीजा है कि साइकिल ट्रैक्स भी साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि जब पुलिस है और प्रावधान हैं फिर क्यों नहीं साइकिल ट्रैक को साइकिल सवार लोगों के लिए जानलेवा बनाने वाले वाहन सवारों के चालान किए जाते। क्यों ट्रैफिक पुलिस आंखें मूंद ऐसे लोगों के प्रति कार्रवाई करने से गुरेज करती है। हां, पर अब लोग कारें चला रहे हैं और पुलिस है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कोई करवाई नहीं कर रही।
मोटा जुर्माना ही समाधान
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने कहा कि जल्दबाजी या ट्रैफिक से बचने के लिए लापरवाह रवैया अपनाते हुए वाहन सवार अपने वाहन को साइकिल ट्रैक पर उतार देते हैं। ऐसा करते हुए यह भी नहीं सोचते कि उनकी यह लापरवाही किसी की जान ले सकती है। जब तक ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी करवाई कर मोटा जुर्माना नहीं लगाया जाता, तब तक यह लोग सुधरने वाले नहीं हैं।
तीन हजार चालान की दलील भी नहीं आई काम
कोर्ट की फटकार के बाद यूटी पुलिस ने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस ट्रैफिक नियमों का पालन करवाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। नियमों की अवहेलना करने वालों का चालान किया जा रहा है। अपनी मुस्तैदी का हवाला देते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने कहा कि इस वर्ष अभी तक 3000 से भी ज्यादा चालान किए गए हैं। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उनकी चिंता ट्रैक पर चलने वाले साईकिल सवारों से जुड़ी है। ऐसे में अगली सुनवाई पर बताया जाए कि अब तक साइकिल ट्रैक्स पर कारें और बाइक चलाने वालों के कितने चालान काटे गए और क्या जुर्माना लगाया गया।
ट्रैक बनाना काफी नहीं, ट्रैक को सुरक्षित बनाना जरूरी
कोर्ट ने कहा कि शहर में सभी ओर ट्रैक बनाए जा रहे हैं लेकिन ट्रैक का दायरा बढ़ाना काफी नहीं है। जिस प्रकार इस पर मोटर वाहन दौड़ रहे हैं उससे साइकिल सवारों की सुरक्षा दांव पर है। ऐसे में न केवल सख्ती से ट्रैक पर वाहन चलाने वालों पर नकेल कसी जाए बल्कि साथ ही ऐसी व्यवस्था भी बनाई जाए। जिससे ट्रैक पर साइकिल सवार खुद को सुरक्षित महसूस करें। ऐसा नहीं हुआ तो यह ट्रैक केवल दिखावे के रह जाएंगे।