एनडीपीएस मामले में फाजिल्का जिला अदालत की ओर से आम आदमी पार्टी के नेता और नेता विपक्ष सुखपाल खैरा को समन करने के आदेशों पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। खैरा ने रिवीजन पिटीशन दायर कर फाजिल्का जिला अदालत के समन आदेश को रद्द किए जाने की हाई कोर्ट से मांग की थी। आदेशों पर रोक के साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
सुखपाल खैरा ने फाजिल्का जिला अदालत द्वारा ड्रग तस्करी के एक केस में समन किए जाने के आदेशों को चुनौती देते हुए दायर याचिका में कहा है कि सरकार जानबूझ कर इस मामले में राजनीतिक रंजिश के तहत उन्हें फंसा रही है ताकि नेता विपक्ष के तौर पर उनकी छवि खराब की जा सके। खैरा ने कहा है कि वह शुरू से ही पंजाब में न सिर्फ ड्रग तस्करी बल्कि माइनिंग माफिया और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहे हैं। यही कारण है कि सरकार इस मामले में उन्हें फंसना चाहती है। जिस मामले में अब उन्हें आरोपी बनाया जा रहा है उस मामले से उनका कोई संबंध ही नहीं है।