अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप कलेर को धमकी देने के मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार 5 जुलाई को जतिंदर भंगू के खिलाफ डीडीआर दर्ज कर ली है। मामले की सुनवाई के दौरान डीडीआर की जानकारी पंजाब सरकार ने दी।
कोर्ट ने पाया कि केवल धमकी देने के आरोप डीडीआर में है तो पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि यह केवल धमकी का मामला नहीं है। अर्शदीप कलेर ने उन्हें मंडी बोर्ड के चीफ इंजीनियर जतिंदर भंगू द्वारा दी गई जान से मारने को धमकी को लेकर एफआईआर दर्ज करने और इस पूरे मामले की जांच सीबीआई या किसी अन्य निष्पक्ष जांच एजेंसी से करवाए जाने की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि अभी तक पुलिस ने मामले में एफआईआर ही दर्ज नहीं की है, साफ है कि सरकार की शह पर यह सब किया गया है। इस मामले की निष्पक्ष जांच पंजाब पुलिस नहीं कर सकती है और ऐसे में इस मामले की जांच सीबीआई या किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से करवाई जाए।
हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था और कहा था कि कैसे सरकारी अधिकारी इस प्रकार की धमकी दे सकता है। कोर्ट के सख्त रुख के बाद जब मामला दोबारा सुनवाई के लिए पहुंचा तो पंजाब सरकार ने बताया कि सरकार कार्रवाई कर रही है और भंगू के खिलाफ 5 जुलाई को डीडीआर दर्ज करते हुए जांच आरंभ कर दी गई है।