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तीन दिन का रिमांड खत्म, हाईकोर्ट रजिस्ट्रार शर्मा को भेजा जेल

Tue, 02 Jan 2018 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक चित्र - फोटो : demo pic
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हरियाणा में जजों की नियुक्ति से जुड़े एचसीएस ज्यूडिशियल पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के तत्कालीन रजिस्ट्रार रिक्रूटमेंट डॉ. बलविंदर शर्मा को सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जिला अदालत में पेश किया।
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यह पेशी तीन का रिमांड खत्म होने के बाद हुई। इस बीच एसआईटी ने डॉ. शर्मा को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की अपील की। इसे अदालत ने मंजूर करते हुए डॉ. बलविंदर शर्मा को 15 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

शर्मा को 28 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने शर्मा के तीन दिन के रिमांड के दौरान आरोपी के घर और ऑफिस में सर्च की। इस दौरान आफिस के कंप्यूटर से हार्ड डिस्क, घर से कुछ दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
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वहीं एसआईटी ने आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया है। पुलिस उसे जांच के लिए सीएफएसएल भेजेगी। एसआईटी ने डॉ. बलविंदर शर्मा को 28 दिसंबर को रोपड़ स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था।

पेपर लीक मामले में नाम आने पर छीना था रजिस्ट्रार का पद पेपर लीक मामले में नाम सामने आने के बाद शर्मा को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के पद से हटाकर वापस होम कैडर पंजाब में भेज दिया गया था। रोपड़ में ही अलॉट हुए घर को सर्च करने के लिए एसआईटी ने कोर्ट से अनुमति ली थी। इसके बाद ही एसआईटी ने उनके घर और कार्यालय में सर्च की थी।
 
जेल में ‘ए’ क्लास सुविधाएं मुहैया कराने की अपील मंजूर
अदालत में पेशी के दौरान सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से शर्मा को न्यायिक अधिकारी बताते हुए जेल में ‘ए’ क्लास सुविधाएं मुहैया कराए जाने की अपील की गई। इसे अदालत ने मंजूर करते हुए आरोपी शर्मा को जेल मेन्यूअल के अनुसार ‘ए’ क्लास सुविधाएं देने के आदेश दिए हैं।

‘ए’ क्लास सुविधाओं में क्या है
जेल में कैदियों को उनके अपराध की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग बैरक में रखा जाता है। सजायाफ्ता कैदियों को अलग बैरक में रखा जाता है और विचाराधीन कैदियों को अलग।

‘ए’ क्लास सुविधाओं में दोनों ही तरह के कैदियों को अलग से कमरा और बेड की सुविधा और अलग से बना खाना दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें बाहर से या घर का बना हुआ खाना भी दिया जा सकता है।

न्यूज पेपर और मैगजीन पढ़ने की सुविधा, सख्त और कड़े काम कराने में छूट, कैदियों वाली यूनिफार्म न पहनने की छूट और उन्हें लोगों से मिलने के मामले में भी रियायत दी जाती है। वहीं जेल में टीवी देखने के अलावा भी कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं। 
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