याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि पंचकूला भी गुरुग्राम की दिशा में बढ़ रहा है और वहां निरीक्षण के लिए आयोग नियुक्त किया जाए लेकिन हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि जब मूल नीति ही व्यापक परीक्षण के अधीन है तो फिलहाल अलग से हस्तक्षेप उचित नहीं होगा।
हरियाणा सरकार की स्टिल्ट प्लस फोर निर्माण पर गुरुग्राम की तर्ज पर पंचकूला में रोक लगाने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है।
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हाईकोर्ट ने कहा कि इस नीति को लेकर अब हम निर्णायक दौर में हैं और जल्द ही फैसला सुनाया जाएगा। हाईकोर्ट ने कहा कि हर जिले के लिए अंतरिम आदेश की मांग पर सुनवाई संभव नहीं है।
हाईकोर्ट ने कहा कि गुरुग्राम सहित राज्य में लागू इस पूरी नीति की वैधता जनहित याचिका के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान बताया गया कि गुरुग्राम में स्टिल्ट एरिया कवर करने के मामलों में लगभग 2,000 नोटिस जारी किए जा चुके हैं जबकि करीब 500 बहाली (रेस्टोरेशन) आदेश पारित किए जा चुके हैं।
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हाईकोर्ट ने दो टूक कहा कि मामला अब अंतिम न्यायिक निर्णय के चरण में है और पूरी स्टिल्ट+4 नीति को इसी जनहित याचिका के संदर्भ में परखा जाएगा। सुनवाई के दौरान पंचकूला में भी गुरुग्राम जैसी रोक लगाने की मांग वाली अर्जी पर अदालत ने फिलहाल हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया।
याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि पंचकूला भी गुरुग्राम की दिशा में बढ़ रहा है और वहां निरीक्षण के लिए आयोग नियुक्त किया जाए लेकिन हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि जब मूल नीति ही व्यापक परीक्षण के अधीन है तो फिलहाल अलग से हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। इसके बाद याचिका पर आगे जोर नहीं दिया गया।