पीयू के डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्लयू) के पद पर किसकी नियुक्ति होगी, अब यह 28 सितंबर को आयोजित होने वाली सीनेट की बैठक में तय किया जाएगा। हाईकोर्ट ने पीयू को 28 सितंबर को सीनेट की बैठक आयोजित करने और तब तक पीयू के सबसे सीनियर प्रोफेसर को अस्थायी तौर पर डीएसडब्ल्यू का प्रभार सौंपने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि 28 सितंबर को सीनेट की बैठक बुलाए जाने का सभी सदस्यों को नोटिस भेजा जाए और सीनेट में डीएसडब्ल्यू पद पर निर्णय लिया जाए। साथ ही इस पूरी बैठक की वीडियोग्राफी करवाई जाए। बुधवार को लगातार तीन घंटे इस अपील पर चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश दिए। इससे पहले सिंगल बेंच ने 2 सितंबर को आदेश जारी कर प्रो. इमैनुअल नाहर को ही डीएसडब्ल्यू के पद पर बने रहने के आदेश देते हुए पीयू को 7 दिनों के भीतर सीनेट की बैठक दोबारा बुलाए जाने के आदेश दिए थे।
पीयू ने सिंगल बेंच के इस अंतरिम आदेशों को खंडपीठ में चुनौती देते हुए कहा था कि सिंगल बेंच ने तो अपने अंतरिम आदेश में ही प्रो. नाहर को पूरी राहत दे दी। पीयू की ओर से सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल और पुनीत बाली ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तय कर चुका है कि जिस मांग को लेकर याचिका दायर की जाए, उसका निपटारा होने तक अंतरिम आदेशों में पूरी राहत नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान एडवोकेट आरडी आनंद जो पीयू के वरिष्ठ प्रोफेसर भी रहे हैं, उन्होंने कहा कि याचिका पर हाईकोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा, वह किसी भी एक के पक्ष में रहेगा। अगर फैसला सीनेटर के पक्ष में गया तो पीयू के लिए और अगर पीयू और वीसी के पक्ष में गया तो सीनेटरों के लिए शर्मनाक हो सकता है। बेहतर होगा कि नए सिरे से सीनेट की बैठक बुला ली जाए और तब तक किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को डीएसडब्लयू के पद पर नियुक्त किया जाए।