फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट का आदेश, आसियान देशों के समझौते का हिस्सा बन सकता है चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट

Fri, 23 Aug 2019 11:59 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
एयरपोर्ट - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया हं कि आसियान देशों के भारत के 18 एयरपोर्ट के साथ किए ओपन स्काई समझौते में चंडीगढ़ को शामिल करने पर फैसला करे। आसियान देशों ने जिन 18 एयरपोर्ट्स को शामिल किया है, उनमें धर्मशाला भी शामिल है। ऐसे में चंडीगढ़ के उस समझौते का हिस्सा बनने की उम्मीद बढ़ गई है जो क्षेत्र के लिए बेहद अहम है।
विज्ञापन


सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन ने सुझाव दिया है कि जिन इन नोटिफाई 18 एयरपोर्ट में से धर्मशाला को हटा कर चंडीगढ़ को शामिल किया जाना चाहिए। खास बात यह है कि आसियान समूह के किसी भी देश के लिए नोटिफाई एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स शुरू की जा सकती हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि ऐसा होगा तो यह न केवल हरियाणा व पंजाब बल्कि आसपास के अन्य राज्यों के लोगों के लिए भी काफी लाभदायक होगा। ऐसे में केंद्र सरकार इस सुझाव पर अपना पक्ष रखते हुए बताए कि क्या ऐसा किया जा सकता है?

अवैध निर्माण हटाए पंजाब
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 9 मार्च 2011 के बाद चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सौ मीटर परिधि में हुए सभी 98 निर्माणों को तय प्रक्रिया के अनुरूप तत्काल गिराने के आदेश दिए हैं। वीरवार को पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को जानकारी दी थी कि उन्होंने ऐसे 98 निर्माणों की पहचान की है जिसके बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किए। हाईकोर्ट ने कहा कि 100 मीटर की परिधि में मौजूद अवैध निर्माण गिराना तो जरूरी है ही, लेकिन साथ में सभी तय नियमों का पालन हो यह भी मोहाली के डीसी सुनिश्चित करें। कोर्ट ने कहा कि डीसी यह भी सुनिश्चित करें कि ऐसा न हो कि एक ओर निर्माण गिराए जाएं और दूसरी ओर नए भवन खड़े करने का सिलसिला जारी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

निर्माणों को अवधि के अनुसार बांटा

पंजाब के एजी अतुल नंदा ने हाईकोर्ट को बताया कि 100 मीटर की परिधि में मौजूद अवैध निर्माणों को तीन श्रेणी में बांटा गया है। 9 मार्च 2011 की नोटिफिकेशन हुए निर्माण गिराए जाएंगे। दूसरी श्रेणी में 2008 की नोटिफिकेशन के बाद और मार्च 2011 की नोटिफिकेशन के बीच बने 20 निर्माण और तीसरी श्रेणी में 2008 से पहले के बने 196 निर्माणों को रखा गया है। दूसरी और तीसरी श्रेणी के निर्माण बाद में वर्क्स ऑफ डिफेंस एक्ट के तहत गिराए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इन्हें मुआवजा देने पर सहमति जताई है।

हाईकोर्ट ने कैट-3 पर मांगी रक्षा सचिव से रिपोर्ट
एयरपोर्ट पर कैट-3 और पैरलल टैक्सी ट्रैक मामले में हाईकोर्ट ने रक्षा मंत्रालय के सचिव से रिपोर्ट मांगी है। केंद्र सरकार ने कहा कि कैट-3 पर एएआई और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट में सहमति बन गई है और टाटा सीड भी इसके लिए तैयार है। अभी रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति बाकी है। इस पर हाईकोर्ट ने रक्षा सचिव को बैठक कर जल्द निर्णय लेने के आदेश दिए हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें