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कलयुगी पिता को ताउम्रकैद: छह साल की बेटी से दुष्कर्म के बाद की थी हत्या, दुर्लभतम मामला मानने से HC का इनकार

Fri, 04 Apr 2025 09:53 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जनवरी 2020 में आरोपी ने अपनी पत्नी के सामने कबूल किया था कि उसने अपनी बेटी की हत्या की है। बच्ची का शव पेड़ से लटका मिला था। हाईकोर्ट ने उसकी माैत की सजा उम्रकैद में बदल दी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपनी 6 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म व उसकी हत्या के दोषी पिता को अब अपनी आखिरी सांस तक जेल में रहना होगा। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने उसके कृत्य को दुर्लभतम मामला मानने से इन्कार करते हुए उसकी मृत्युदंड की सजा को उम्रकैद में बदलते हुए यह आदेश जारी किया है।

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उम्रकैद की सजा सुनाते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि उसे समय से पहले रिहाई के प्रावधानों का लाभ नहीं मिलेगा। जस्टिस गुरविंदर सिंह गिल और जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की खंडपीठ ने कहा कि हालांकि इस व्यक्ति द्वारा किए गए अपराध की क्रूर और जघन्य प्रकृति के बारे में कोई संदेह नहीं है, जो कोई और नहीं बल्कि मृतक का पिता है। 

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इसके बावजूद उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, वह गरीब सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से आता है और जेल के अंदर उसका आचरण संतोषजनक रहा है। इसके अलावा, अपराध के समय उसकी आयु 35 वर्ष थी। इस केस को दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है, जिसमें मृत्युदंड देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार जनवरी 2020 में प्रताप सिंह ने अपनी पत्नी के सामने कबूल किया कि उसने अपनी बेटी की हत्या कर दी है और बाद में उसी दिन शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया कि मृतक नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था और उसकी मौत का कारण गर्दन में चोट लगने के कारण दम घुटना था।
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अमृतसर की अदालत ने मृतका के पिता को हत्या के लिए मृत्युदंड व दुष्कर्म के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि मृतका को उसका पिता लेकर गया था और बाद में उसे कभी जीवित नहीं देखा गया। बच्चों से अच्छा व्यवहार और उन पर बुरी नजर ने रखने की पीड़िता की मां की गवाही भी अभियोजन पक्ष में किसी भी तरह का संदेह पैदा नहीं करेगा।

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