ओपी सोनी के अतिरिक्त जिन 423 से अधिक लोगों की सुरक्षा में कटौती की गई है उन लोगों ने सुरक्षा में कटौती को हाईकोर्ट में चुनौती देना आरंभ कर दिया है। अकाली नेता वीर सिंह लोपोके ने भी सुरक्षा वापस लेने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए तत्काल दो सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करवाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा है कि आखिर किस आधार पर सुरक्षा वापस लेने का निर्णय लिया गया और आखिर कैसे यह सूची सार्वजनिक हो गई है। पंजाब सरकार को अगली सुनवाई के दौरान इस बारे में सीलबंद रिपोर्ट सौंपनी होगी।
हाईकोर्ट ने जताई चिंता
हाईकोर्ट ने बीते दिन हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या पर चिंता जताते हुए पंजाब सरकार से पूछा कि सुरक्षा वापस लेते हुए क्या हर व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी एकत्रित की जाती है। साथ ही यह भी पूछा कि आखिर ऐसा क्या कारण था कि इस सूची को आम लोगों के बीच सार्वजनिक करते हुए इन लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाला गया।
केंद्र ने पंजाब सरकार को घेरा
केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने इस मामले में पंजाब सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी विभिन्न लोगों को उपलब्ध करवाई गई सुरक्षा का निरीक्षण करती है और कुछ की सुरक्षा कम की जाती है तो कुछ की समाप्त कर दी जाती है लेकिन इसे कभी सार्वजनिक नहीं किया जाता। इसे सार्वजनिक करना ऐसे लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने जैसा है।