हरियाणा में ग्रुप डी के 18218 पदों के लिए जारी नियुक्ति प्रक्रिया पर अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पक्ष से असंतुष्टि जताते हुए प्रदेश सरकार और एचएसएससी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
याचिका दाखिल करते हुए सिरसा निवासी दीपक पुरी सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों से आवेदकों ने एडवोकेट सुनील कुमार नेहरा के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से आयोजित करने की अपील की है।
याची ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने अगस्त 2018 में ग्रुप डी के 18218 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती के लिए 10, 11, 17 व 18 नवंबर को परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा में ऐसे प्रश्न पूछे गए जिनके जवाब शायद आईएएस अधिकारी भी न दे पाएं।
इसके साथ ही परीक्षा 90 अंकों की थी जिसमें से 25 प्रतिशत सवाल हरियाणा के बारे में पूछे जाने का प्रावधान था लेकिन चार दिनों के आठ चरणों में हुई किसी भी परीक्षा में हरियाणा के बारे में 25 प्रतिशत प्रश्न नहीं पूछे गए।
इसके साथ ही आठ चरणों में हुई परीक्षा में ऐसे कई प्रश्न थे जो इन सभी चरणों की परीक्षा में एक समान थे। याची ने अमर उजाला में प्रकाशित एक समाचार के हवाले से बताया कि सवालों को लेकर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि ग्रुप डी की परीक्षा में ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब जज भी न दे पाएं। याचिकाकर्ता ने बताया कि इस बारे में परीक्षा के दो दिन बाद ही याचिकाकर्ताओं ने एचएसएससी को रिप्रजेंटेशन भी दी थी लेकिन उन्होंने कोई एक्शन नहीं लिया।
अब याची ने परीक्षा को रद्द करने की और नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने के निर्देश दिए जाने की अपील की है। हाईकोर्ट ने प्राथमिक सुनवाई पर बिना नोटिस जारी किए एचएसएससी से उनका पक्ष रखने को कहा था।
जब मामला दोबारा सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट ने एचएसएससी के पक्ष से असंतुष्टि जताते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव व एचएसएससी के सचिव को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।