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स्वर्ण मंदिर के पास अवैध निर्माणों को वैध करने वाले पंजाब सरकार के एक्ट पर हाईकोर्ट की रोक

Tue, 23 Jul 2019 12:59 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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अमृतसर के स्वर्ण मंदिर गलियारा के पास अवैध निर्माणों को रेगुलर करने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए एक्ट पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। अमृतसर के सरबजीत सिंह वेरका द्वारा जनहित याचिका दायर करते हुए बताया गया कि स्वर्ण मंदिर के करीब अवैध होटल, सराय और गेस्ट हाउस और अन्य अवैध निर्माणों के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। 

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तब हाईकोर्ट ने इन पर कार्रवाई के आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया था। बाद में सरकार ने एक एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी थी। इसके बाद वेरका ने दोबारा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि एसआईटी के गठन के बावजूद निर्माण कार्य रुकना तो दूर बल्कि नए निर्माण हो रहे हैं। वेरका ने सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना याचिका दायर कर दी। 

अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान अमृतसर नगर निगम आयुक्त और एसडीएम हाईकोर्ट में पेश हुए थे। हाईकोर्ट को बताया गया था कि 214 अवैध निमार्णों को नियमित करने के आवेदन आए थे। सभी आवेदन अस्वीकार कर दिए गए थे और इसके बारे में स्थानीय निकाय विभाग को जानकारी दे दी गई थी। 
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वेरका का कहना है कि अब फिर नए सिरे से अवैध निमार्णों को नियमित किए जाने के लिए सरकार एक और स्कीम लाई है। अब उसके तहत इन पर गौर किया जा रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट पहले ही सरकार को फटकार लगा चुका है। याचिकाकर्ता ने बताया कि सरकार ने हाल ही में अवैध निर्माणों को नियमित किए जाने के प्रावधानों में और ढील दे दी है। साफ है कि इस संशोधित एक्ट के तहत इन अवैध निर्माणों को नियमित किए जाने की कोशिश की जा रही है।

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