दूसरा, फतेहवीर की मौत के लिए कौन जिम्मेदार है और उसके बचाव को लेकर की गई कार्रवाई और बचाव कार्य की नाकामी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी कोर्ट को दी जाए।
तीसरा, प्रदेश में जल्द ही धान का सीजन शुरू हो रहा है और राज्य में पहले से खुदे बोरवेल और जो अब नए बोरवेल खोदे जायेंगे, जिनके बारे में राज्य सरकार क्या करवाई कर रही है।
उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ता की ओर से जनहित याचिका में कहा गया है कि दो साल का फतेहवीर 6 जून को बोरवेल में गिर गया था। उसके बाद फतेहवीर को बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने जिस तरह से कार्रवाई की, वह पूरी तरह लापरवाही भरी और बिना किसी ठोस योजना के थी।
इसी वजह से 6 जून को बोरवेल में गिरे फतेहवीर को 10 जून को 110 घंटों बाद निकाला गया। इस काम में हुई देरी के कारण फतेहवीर की जान चली गई। याचिका में इस मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।