फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: सरकारी स्कूल मूल-भूत सुविधाओं को मोहताज, हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग पर लगाया पांच लाख का जुर्माना

Sat, 25 Nov 2023 12:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार कोर्ट के सामने सिर्फ आंकड़ों का खेल खेल रही है। धरातल पर कोई काम नहीं कर रही। कोर्ट ने कहा कि एक तरफ भारत सरकार ''स्वच्छ भारत मिशन'' का नारा देते हुए हर घर में शौचालय उपलब्ध करवाने का दावा कर रही है वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में यह हाल है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों के मूल-भूत सुविधाओं के मोहताज होने के आंकड़े पर शिक्षा विभाग पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही एक हफ्ते के अंदर सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति के लिए योजना पेश करने के आदेश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि 131 स्कूलों में पीने का पानी, 236 में बिजली कनेक्शन, 538 में लड़कियों के तो वहीं 1047 स्कूलों में लड़कों के शौचालय नहीं है। जुर्माना राशि हाईकोर्ट ने महिला व बाल कल्याण विकास विभाग में जमा करवाने का आदेश दिया है। साथ ही अगली सुनवाई पर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव व निदेशक को हाजिर रहने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


कैथल जिले के बालू स्कूल के छात्रों की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के बारे में जानकारी मांगी थी। जवाब में जो आंकड़े पहुंचे वो चौकाने वाले थे। इनके अनुसार प्रदेश के 131 सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। 236 स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है। 538 स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय नहीं है और 1047 स्कूलों में लड़कों के शौचालय नहीं है। इसके साथ ही बताया गया कि विद्यार्थियों के लिए 8240 क्लासरूम की जरूरत है।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि एक तरफ तो बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और खुले में शौच मुक्त भारत जैसे नारे दिए जा रहे है और दूसरी तरफ स्कूलों में शौचालय व पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं है। इन सुविधाओं के लिए स्कूली बच्चों को मजबूरन हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। हाईकोर्ट में दिए गए हलफनामे के मुताबिक जहां हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शौचालय, पीने के पानी, बिजली कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है वहीं शिक्षा विभाग ने 10,675.99 करोड़ रुपये कि ग्रांट को बिना उपयोग किये सरकार को वापस भेज दिया। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार कोर्ट के सामने सिर्फ आंकड़ों का खेल खेल रही है। धरातल पर कोई काम नहीं कर रही। कोर्ट ने कहा कि एक तरफ भारत सरकार ''स्वच्छ भारत मिशन'' का नारा देते हुए हर घर में शौचालय उपलब्ध करवाने का दावा कर रही है वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में यह हाल है। हरियाणा सरकार के रवैए व हलफनामे के चौंकाने वाले आंकड़ों की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए एक हफ्ते के अंदर सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति के लिए योजना पेश करने के आदेश दिया है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें