पंचकूला सेक्टर-12 के ऐतिहासिक धरोहर नाहन की कोठी से हाईकोर्ट के आदेश के आठ साल बाद कब्जा हटाया गया है। कोठी पर अवैध कब्जे के चलते हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया था। कोठी को संरक्षित स्मारक तो घोषित किया गया था, लेकिन लंबे समय से इस इमारत पर सरकारी विभाग ने ही अवैध कब्जा कर कार्यालय खोल रखा था।
ऐतिहासिक धरोहर के प्रति हरियाणा सरकार के इस रवैये के खिलाफ एडवोकेट एचसी अरोड़ा द्वारा दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस सरों और जस्टिस गुरमीत राम की डिवीजन बेंच ने सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार, सांस्कृतिक मामलों के विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, पंचकूला के डीसी, जिला उपभोक्ता फोरम और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को नोटिस जारी किया था। उसके बाद सरकारी विभाग के दफ्तर को पंचकूला के सेक्टर-14 में शिफ्ट किया है।
153 साल पुरानी इमारत को मिला है संरक्षित स्मारक का दर्जा
पंचकूला के सेक्टर-12ए स्थित नाहन कोठी 153 वर्ष पुरानी है, जिसे हरियाणा सरकार की ओर से संरक्षित इमारत का दर्जा दिया गया है। लाल रंग की यह कोठी महाराजा सिरमौर फतह प्रकाश के राजकुमार सुरजन सिंह और बीर सिंह द्वारा बनवाई गई थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भी 2007 में इस इमारत को संरक्षित स्मारक घोषित किया था। इस इमारत में सरकारी विभाग चलाए जाने को लेकर इससे पहले भी एक याचिका स्थानीय निवासी मुंशी राम ने दायर की थी। उस याचिका पर 2008 में हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को इस इमारत से सरकारी कार्यालय हटाने के आदेश दिए थे। अब 2016 में यह कार्यालय वहां से हटाया गया है।
आर्कियोलॉजिकल विभाग नहीं कर पा रहा था मरम्मत
50 साल पुरानी शहर की एकमात्र धरोहर सेक्टर-12ए की नाहन कोठी में कंज्यूमर फोरम का कब्जा था। इस कारण आर्कियोलॉजी विभाग इसकी मेंटेनेंस नहीं करवा पा रहा था। इसमें बड़े-बड़े पेड़ उगे हुए हैं। अब विभाग इस बिल्डिंग की देखरेख करेगा।