पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी ठहराए गए जगतार सिंह तारा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए भतीजी की शादी में शामिल होने की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट ने इसके लिए उसे 3 दिसंबर को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक का वक्त दिया है।
तारा ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उसे बेअंत सिंह हत्या मामले में 20 साल की उम्र में 1995 में गिरफ्तार किया गया था। 17 मार्च, 2018 को चंडीगढ़ की अदालत ने उसे ताउम्र जेल की सजा सुनाई थी। अप्रैल में उसके भाई की मृत्यु के बाद भी उसे पैरोल दी गई थी। अब उसकी भतीजी की शादी तीन दिसंबर को तय की गई है और वह इसमें शामिल होना चाहता है।
याची ने बताया कि उसके भाई की मौत हो चुकी है और भतीजी का कोई मामा भी नहीं है। ऐसे में याची को ही पिता के तौर पर सभी रस्मों को निभाना होगा। ऐसे में उसे इस शादी में शामिल होने के लिए सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक के लिए स्पेशल पैरोल दी जाए। भतीजी का विवाह रोपड़ के गांव मुगल माजरी के गुरुद्वारा साहिब में होना है। उसने विवाह में शामिल होने के लिए जेल प्रबंधन से अनुमति मांगी थी लेकिन मंजूरी नहीं दी गई। ऐसे में याची को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से तारा की मांग का विरोध किया गया और सुरक्षा से जुड़ी चिंता जताई गई। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि याची का उसकी भतीजी के विवाह में शामिल होना जरूरी है। तारा को सुरक्षा के लिहाज से यूं ही स्पेशल पैरोल नहीं दी जा सकती। चंडीगढ़ प्रशासन व पंजाब सरकार तीन दिसंबर को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे के बीच पुलिस की हिरासत में तारा को विवाह में शामिल करवाने का इंतजाम करेंगे और इसके बाद उसे वापस बुड़ैल जेल सुरक्षित लाने की व्यवस्था भी। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने तारा की याचिका का निपटारा कर दिया।