बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज़ की ओर से पंजाब के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए अप्रैल महीने में आयोजित परीक्षा दोबारा आयोजित नहीं होगी।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस आरके जैन ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि इतने बड़े पैमाने पर हुई परीक्षा को दोबारा कराने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।
बेंच ने यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया है कि पांच प्रश्नों के समान अंक देकर पीएमईटी परीक्षा की ताजा मेरिट तैयार की जाए। हालांकि परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों के प्रश्न पत्र ले जाने पर प्रतिबंध के यूनिवर्सिटी के फैसले को हाईकोर्ट ने गलत करार दिया है।
कहा कि आल इंडिया पीएमईटी परीक्षा आयोजित कराते वक्त सीबीएसई तक भी प्रश्नपत्र साथ ले जाने की इजाजत देती है। हाईकोर्ट ने कहा कि यूनिवर्सिटी को नियमों में बदलाव कर भविष्य में प्रश्नपत्र ले जाने की व्यवस्था बनानी होगी। साथ ही उत्तर वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे ताकि परीक्षार्थी प्रश्नों के साथ अपने उत्तरों का मिलान कर सकें।
निजी एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट को खारिज
इस मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की ओर से निजी एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। यूनिवर्सिटी ने पैरवी के दौरान पांच प्रश्नों में गड़बड़ी स्वीकार की थी।
हाईकोर्ट ने इन्हीं पांच प्रश्नों के समान अंक देने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षा के लिए किए प्रबंधों पर हाईकोर्ट ने संतुष्टि प्रगट की है।