पंजाब के लगभग 50 कालेजों की ओर से प्रदेश सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तीन हफ्ते में करीब 500 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने इसकी रिपोर्ट भी मांगी है।
निजी एडेड कालेज अपने स्तर पर कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और पीएफ के पैसे दे देते हैं। सरकार बाद में यह राशि कालेजों को जारी करती है। यह राशि नहीं दी जा रही थी। इसी कारण कालेजों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी और हाईकोर्ट ने नियमित तौर पर राशि जारी करने का आदेश दिया था।
सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम आदेश के लिए मामला फिर हाईकोर्ट भेज दिया था। हाईकोर्ट ने राशि जारी करने का आदेश दिया था, लेकिन फिर भी राशि नहीं मिली तो सरकार केखिलाफ अवमानना याचिका दायर की गई।
कहा गया कि कर्मचारियों के लाभ के पैसे अपने पास से देने के कारण कालेजों की वित्तीय स्थिति खराब हो रही है और सरकार नियमित तौर पर राशि जारी नहीं कर रही। अब हाईकोर्ट ने तीन हफ्ते में बकाया राशि जारी करने का निर्देश देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी है। कालेजों का यह बकाया करीब पांच सौ करोड़ रुपये बनता है।