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हाईकोर्ट ने किया स्पष्ट, पति पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाना पत्नी की क्रूरता

Sat, 28 Dec 2019 05:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा विवेक शर्मा, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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झज्जर निवासी महिला की याचिका को खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाना क्रूरता की श्रेणी में आता है और इस आधार पर पति तलाक का अधिकारी हो जाता है।

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याचिका दाखिल करते हुए पत्नी ने कहा कि उसके पति की तलाक की अर्जी को मंजूर कर झज्जर कोर्ट ने गलत निर्णय लिया है और इसे खारिज किया जाए। याची ने कहा कि उसके पति ने निचली अदालत केसमक्ष याची पर जो आरोप लगाए हैं वह गलत हैं। 

याची ने पति पर कभी कोई क्रूरता नहीं की बल्कि उसका पति उसके साथ क्रूर बर्ताव करता था। याची के पति की ओर से कहा गया कि वह एयरफोर्स में हैं और 2011 में उनका विवाह हुआ था। विवाह के बाद वह अपनी पोस्टिंग पर याची को बुलाना चाहता था पर याची की मां ने इसके लिए मना कर दिया। 
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इसके बाद भी लगातार याची का रवैया उसके प्रति क्रूर रहा और जब उसके दोस्त उसके घर आते थे तो वह उनके सामने उसे बेइज्जत करती थी। इसके बाद याची ने उस पर व परिवार पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज करवाए। इन सभी मामलों में उसको व उसके परिवार को बरी किया जा चुका है। 

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि पति-पत्नी में छोटे-मोटे झगड़़े चलते रहते हैं जिन्हें क्रूरता नहीं माना जा सकता। पत्नी के एफआईआर दर्ज करवाने के चलते पति को ट्रायल झेलना पड़ा और आखिरकार वह बरी हुआ। ऐसे में यह पत्नी की क्रूरता की श्रेणी में आता है और ऐसे में ट्रायल कोर्ट द्वारा तलाक को मंजूरी देने का फैसला सही है।

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