कोर्ट ने कहा कि लुधियाना के डीसीपी जांच की विस्तृत रिपोर्ट दें, वरना रिकॉर्ड के साथ हाजिर हों। आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लिया।
जींस के पार्सल में 198 एक्टिव सिम कंबोडिया भेजने के प्रयास को बेहद गंभीरता से लेते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना के डीसीपी को जांच की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए उनसे यह भी पूछा है कि कहीं इसमें कोई इंटरनेशनल गैंग तो शामिल नहीं है। आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि रिपोर्ट नहीं आई तो डीसीपी को रिकॉर्ड के साथ खुद हाजिर रहना होगा।
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हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए आरोपी अजय कुमार ने 21 दिसंबर, 2023 को दर्ज मामले में नियमित जमानत की मांग की थी। मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो कोर्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में अभी तक केवल एक व्यक्ति का नाम सामने आया है।
इतनी बड़ी संख्या में एक्टिव सिम विदेश भेजे जा रहे थे जिससे किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर यह बताने का आदेश दिया है कि ये सिम किसके नाम पर लिए गए थे और क्या उनके बयान दर्ज करवाए गए हैं।
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इसके साथ ही यह भी पूछा कि क्या उन्हें इस मामले में आरोपी बनाया गया है या गवाह। यदि ऐसा नहीं किया गया है तो उसका क्या कारण है। इसके साथ ही इस मामले में टेलीकॉम कंपनी के लोगों की मिलीभगत पर भी जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
मामला तब सामने आया था जब एक पार्सल को स्कैन किया गया। स्कैनिंग के दौरान जब कुछ आपत्तिजनक दिखाई दिया तो पार्सल खोला गया। इसे खोलने के बाद जींस के बीच में 198 सिम पाए गए थे। मामले में लुधियाना में एफआईआर दर्ज की गई थी।
चालान दाखिल करने में हुई जल्दबाजी
हाईकोर्ट को बताया गया कि इस मामले में चालान दाखिल करने में बहुत जल्दबाजी हुई है। ये सिम एक्टिव करने वाले अलग-अलग लोग थे लेकिन उन्होंने सिम को खरीदने के लिए किसी अन्य के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया है। चालान दाखिल करते हुए उनके बयानों को भी इसमें शामिल नहीं किया गया है।