चंडीगढ़। जीएमएसएच-16 के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी झेल रहे स्वास्थ्य विभाग की परेशानी और बढ़ गई है। विभाग प्रमुख के इस्तीफे के बाद व्यवस्था को संभालने के लिए फिलहाल एक अन्य डॉक्टर को प्रभारी बनाया गया है लेकिन इसे लेकर अस्पताल में चर्चाओं का दौर तेज है। डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था तेजी से ध्वस्त हो रही है। वहीं अधिकारी भी परेशान हैं क्योंकि सरकारी वेतन पर विशेषज्ञ डॉक्टर आने को तैयार नहीं हो रहे।
स्थिति यह है कि विभाग वर्षों से डॉक्टरों की कमी नियुक्ति के माध्यम से दूर करने का प्रयास कर रहा है लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल पा रही। कारण है अनुबंध आधारित तैनाती। इसमें डॉक्टरों का वेतन काफी कम होता है। इससे नियुक्ति के चंद महीनों बाद ही डॉक्टर नौकरी छोड़ जा रहे हैं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा।
डेपुटेशन के सहारे विभाग
स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से डेपुटेशन पर तैनात डॉक्टरों के सहारे चल रहा है। विभाग में मौजूदा समय में चंडीगढ़ के महज 5 से 7 डॉक्टर ही तैनात हैं। इसका एक मुख्य कारण पिछले 29 वर्षों से नियमित पदों पर कोई नई नियुक्ति का न होना है।