हरियाणा के प्राइवेट अन एडिड कॉलेजों को छात्रसंघ चुनाव से वंचित रखने को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। याचिका दाखिल करते हुए अनुज कुमार ने एडवोकेट प्रतीक राठी के माध्यम से कहा कि हरियाणा में 1996 में छात्रसंघ चुनाव बंद हो गए थे।
ऐसा 1990 से लेकर 1996 तक के चुनाव के दौरान हुई हिंसा के कारण किया गया था। मौजूदा सरकार ने लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के आधार पर राज्य में एक बार फिर स्टूडेंट काउंसिल चुनाव करवाए जाने के लिए हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी के कुलपति टंकेश्वर कुमार की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था।
याची ने कहा कि इस बार चुनाव करवाने के लिए जो सिफारिशें दी गई थी उससे प्राइवेट अन एडिड कॉलेजों को चुनाव से दूर रखा गया है। याची ने कहा कि छात्रों को प्रतिनिधियों की जरूरत होती है और यह जरूरत केवल सरकारी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में ही नहीं बल्कि प्राइवेट कॉलेजों में भी होती है। याची ने कहा कि यह समानता के अधिकार के खिलाफ है। बेहद गंभीर विषय है और किसी को भी भेदभाव करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।