पंजाब के 13 टोल प्लाजा ठप करने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है और राज्य सरकार को प्रदर्शनकारियों को हटाकर टोल चालू करवाने का आदेश दिया है। टोल प्लाजा पर अवैध वसूली को रोकने और प्रदेश के सभी टोल बेरोकटोक चलें यह सुनिश्चित करने का मुख्य सचिव और डीजीपी को आदेश दिया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पंजाब भर में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर 13 टोल प्लाजा बंद करवा दिए हैं। टोल बंद होने के चलते यहां से टोल राशि वसूल नहीं हो पा रही है। पंजाब के अमृतसर, जालंधर, फिरोजपुर, तरनतारन, होशियारपुर, पठानकोट, कपूरथला और बरनाला में मौजूद इन टोल प्लाजा को प्रदर्शनकारियों ने बंद करवाया है। इन टोल को खुलवाने और कर्मियों की सुरक्षा के लिए एनएचएआई ने संबंधित जिलों के डीसी व पुलिस अधिकारियों से भी गुहार लगाई है लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ।
19 दिन में 26 करोड़ 60 लाख रुपये का नुकसान
एनएचएआई ने बताया कि कई टोल पर तो अब प्रदर्शनकारियों ने ही टोल की अवैध वसूली शुरू कर दी है। एनएचएआई ने इस मामले में दखल देने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई है। याचिका में पंजाब सरकार सहित पंजाब के 8 जिलों के डीसी को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिका में एनएचएआई ने कहा कि इस प्रदर्शन के चलते कर्मियों की सुरक्षा खतरे में है और एनएचएआई को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
एनएचएआई के मुताबिक 17 दिसंबर से 4 जनवरी तक करीब 26 करोड़ 60 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। पिछली सुनवाई पर हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर और व्यापक जनहित का माना था। गुरुवार को केस सुनवाई के लिए पहुंचा तो अब हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई पर मुख्य सचिव व पंजाब के डीजीपी को इस मामले में जवाब दाखिल करना होगा।