जुर्माने पर रोक की अपील के साथ बाबा के वकील ने दी दलील
पंचकूला की सीबीआई कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के वकील ने जुर्माना राशि की वसूली पर भी रोक लगाने की अपील की। राम रहीम के वकील ने सोमवार को कोर्ट में कहा कि बाबा सांसारिक विषय त्याग चुके हैं, ऐसे में वे जुर्माने का भुगतान कहां से करेंगे। हाईकोर्ट ने सजा के खिलाफ अपील स्वीकार कर ली लेकिन जुर्माने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने इस याचिका पर सीबीआई को नोटिस भी जारी किया है।
सीबीआई कोर्ट ने दो साध्वियों से यौन शोषण के मामले में राम रहीम को 10-10 साल की कैद और 3.20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस सजा को चुनौती देते हुए डेरा प्रमुख ने खुद को बरी करने और याचिका लंबित रहते जुर्माने की वसूली पर रोक लगाने की हाईकोर्ट में अपील की थी। सोमवार को इस पर सुनवाई के दौरान डेरा मुखी के वकील सीनियर एडवोकेट एसके गर्ग नरवाना ने कहा कि बाबा सांसारिक विषय त्याग चुके हैं। वे जुर्माना कहां से देंगे।
इस पर कोर्ट ने कहा कि डेरा मुखी की कई संपत्तियां और बैंक खाते हैं। उससे जुर्माना की राशि अदा की जा सकती है। हालांकि हाईकोर्ट ने यह राशि साध्वियों को जारी करने पर रोक लगा दी और दो महीनों के भीतर राम रहीम को यह रकम सीबीआई कोर्ट में जमा करवाने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने कहा कि इस रकम की किसी राष्ट्रीय बैंक में एफडी करवाई जाए। अगर भविष्य में फैसला डेरा मुखी के पक्ष में आया तो यह राशि उसे वापिस दे देंगे लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह पीड़ित साध्वियों को दे दी जाएगी।
वहीं सीबीआई ने विरोध करते हुए कहा यह राशि जुर्माने की नहीं बल्कि एक तरह से पीड़ित साध्वियों को मुआवजे की राशि है। इस पर रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील नजरंदाज कर दी।