पठानकोट में जुटे पुलिसकर्मी
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इससे पहले सभी सीमांत जिलों में प्रशासन द्वारा ड्रोन उड़ाने पर रोक के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर चलने पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही सभी मकान मालिकों को अपने किरायदारों का पूरा विवरण संबंधित पुलिस थानों में जमा कराने को कहा गया है।
आम लोगों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि देर तक ठहरने वाले मेहमानों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी जाए। सीमांत जिलों में हर अजनबी पर नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों से भी कहा गया है कि अपने क्षेत्र में किसी भी अनजान व्यक्ति के बारे में तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए।
पठानकोट में एक हफ्ते से रेड अलर्ट, अस्पताल में वार्ड खाली करवाया, 100 बसें रिजर्व रखीं
शुक्रवार को पठानकोट में पीएपी जालंधर, पीपीए फिल्लौर, एनआरआई विंग और सीटीसी बहादुरगढ़ से 911 पुलिस कर्मचारियों को पठानकोट भेजा गया है। इसके अलावा एक हफ्ते से चल रहे रेड अलर्ट के बीच आईजी बॉर्डर रेंज एसपीएस परमार और एडीजीपी एसओजी रमेश चंद्रा भी पठानकोट में डेरा जमा चुके हैं।
पठानकोट में सर्च चलाने से पहले आईजी परमार और एसएसपी पठानकोट दीपक हिलोरी ने करीब 2400 कर्मचारियों और अधिकारियों को लमीनी स्थित स्टेडियम में संबोधित किया। दूसरी तरफ डीसी रामबीर ने सिविल अस्पताल में ट्रामा सेंटर और इमर्जेंसी वार्ड खाली करने, 20 बेड रिजर्व रखने, दवाओं और ब्लड यूनिट्स का पूरा इंतजाम रखने के आदेश दिए हैं। तीन बड़े निजी अस्पतालों को भी हर स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा 100 से अधिक बसों को खाली रखने के आदेश जारी किए हैं।
अस्पताल के वार्ड कराए गए खाली
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आतंकी हमले की इनपुट के बाद पठानकोट में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और स्पेशल फोर्स तैनात कर दी गई है। इंटरस्टेट नाकों सहित शहर के बढ़ाए गए नाकों पर गहनता से चेकिंग की जा रही है। लोग दुविधा में हैं और सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म है।
व्हाट्सएप, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर तरह-तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं, जिनमें आतंकी पकड़े जाने और घर से न निकलने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में फेस्टिवल सीजन में लोग घर से निकलने में भी डर रहे हैं।
पुरानी खबरों के लिंक शेयर कर रहे लोग
पिछले साल नंगल भूर हाईवे पर पकड़े गए संदिग्धों के पुराने लिंक सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहे हैं। लोग इसे मौजूदा स्थिति बता रहे हैं। वहीं चप्पे-चप्पे पर तैनाती, नाकों पर चेकिंग और सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और ट्रामा सेंटर को खाली करवाने से लोगों में दहशत बढ़ रही है। पठानकोट शहर में इस समय 2500 से अधिक जवान तैनात हैं, क्यूआरटी, पीसीआर समेत अन्य गश्त पार्टियां शहर के बाहरी और भीतरी इलाकों में चक्कर लगा रही हैं।
तीन ड्यूटी मजिस्ट्रेट, 8 नोडल अफसर और 1 को-ऑर्डिनेटर तैनात
आतंकी हमले के इनपुट के बाद पठानकोट में बदले हालातों के बीच डीसी रामबीर ने जिले भर में तीन ड्यूटी मजिस्ट्रेट, 8 नोडल अफसर और 1 को-ऑर्डिनेटर तैनात किया है। डीसी ने आदेश जारी कर एसडीएम पठानकोट अर्शदीप सिंह लुबाना को को-ऑर्डिनेटर बनाया है, जबकि डीएसपी हेडक्वार्टर राजेश मट्टू को नोडल अफसर तैनात कर निर्देश जारी किए हैं कि वह एसएसपी और डीसी को हर स्थिति से अवगत करवाते रहेंगे।
जिले में अमन कानून कायम रखने के लिए वे ओवरऑल इंचार्ज होंगे। इसके अलावा आरटीओ गुरदासपुर और जीएम रोडवेज राजिन्द्र मन्हास को नोडल अफसर तैनात कर पुलिस और प्रशासन को हर तरह की ट्रांसपोर्ट सुविधा देने को कहा गया है। मेडिकल टीमें और एंबुलेंस के लिए एसएमओ पठानकोट डॉ. भूपिंदर सिंह को नोडल अफसर बनाया है।
एसएमओ प्राइवेट अस्पताल प्रबंधनों के साथ तालमेल में रहेंगे। डीईओ सेकेंडरी बलबीर सिंह और डीईओ संजीव गौतम को आर्मी और पुलिस फोर्स के ठहरने की जिम्मेदारी दी गई है, फायर ब्रिगेड के लिए चीफ फायर अफसर नत्थू राम को नोडल अफसर बनाया गया है। जीएम पठानकोट रोडवेज हरजिन्द्र सिंह को रिकवरी वैनों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, पठानकोट तहसीलदार अरविंद्र सिंह और नायब तहसीलदार मोहिंद्र पाल को पठानकोट ड्यूटी मजिस्ट्रेट जबकि नायब तहसीलदार सतीश कुमार को नरोट जैमल सिंह और बमियाल का ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है।