बजट के चक्कर में पंचकूला सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में हार्मोनल टेस्ट नहीं किया जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मरीजों की सुविधा के लिए 29 जून 2016 को 29 तरह के हार्मोनल टेस्टों की मंजूरी दी थी।
लेकिन साढ़े चार माह बाद भी बजट का रोना खत्म नहीं हुआ। हालांकि इस कारण मरीजों को यह टेस्ट प्राइवेट लैब में कराना पड़ रहे हैं। अस्पताल में ये टेस्ट न होने से प्राइवेट लैब संचालक मरीजों से इन टेस्टों के एवज में मोटी रकम वसूल रहे हैं।
हालांकि स्वास्थ्य महानिदेशक कार्यालय ने दो सितंबर 2016 को ही 29 तरह के हार्मोनल टेस्टों की लिस्ट अस्पताल प्रबंधन को भेजी थी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इन टेस्टों की शुरुआत न होने का कारण बजट और ट्रेंड स्टाफ की कमी बताई जा रही है।
क्योंकि जनरल अस्पताल की लैब का करीब 60 फीसदी काम कॉन्ट्रैक्ट मुलाजिमों के हवाले है। स्टाफ की कमी से अक्सर लैब की रिपोर्ट और सैंपल लेने में फोर्थ क्लास मुलाजिमों की मदद ली जाती है।
जानिए कौन से हैं वे 29 टेस्ट
डॉक्टर
नए हार्मोनल टेस्टों में एलएच एफएसएच, प्रोलेक्टिन अस्सय, एफटी-थ्री और एफटी-फोर, एस्ट्राडिओल, प्रोजेस्ट्रॉन, टेस्टोस्टेरोन, टोटल एचसीजी, एएफपी, सीईए, पीएसए, ट्रोपोनिन-वन, सीरम फ्रिटिन, विटामिन-बी 12 एवं फोलिक एसिड शामिल हैं। उन्होंने बताया कि औषध निगरानी के लिए सीए-125, सीपीके-एमबी, सीरम लीथियम, टीओआरसीएच कॉम्प्लेक्स, विटामिन डी, पीटीएच और एचपीएलसी सहित अन्य टेस्ट भी शामिल हैं।
इनके लिए निशुल्क सुविधा
गरीबी रेखा से नीचे और शहरी मलीन बस्तियों के मरीजों, राज्य सरकार से दिव्यांग भत्ता प्राप्त मरीजों, किसी भी निशुल्क श्रेणी में न आने वाले आर्थिक तौर पर कमजोर और अनुसूचित जातियों सहित कुछ अन्य श्रेणियों के मरीजों को भी जांच की निशुल्क सुविधा मुहैया की जाएंगी।
बजट की कमी से हार्मोनल टेस्ट शुरू नहीं हो पाया है। बजट पास होने के लिए भेजा है। जैसे ही बजट पास होगा अस्पताल की लैब में हार्मोनल टेस्ट का काम शुरू कर दिया जाएगा। -बीना सिंह, पीएमओ जनरल अस्पताल सेक्टर-6 पंचकूला।