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उभरते चैंपियन के 'हाथ' बनेंगे मिल्खा सिंह, पढ़िए खास खबर

Sat, 04 Apr 2015 10:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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उड़न सिंह मिल्खा सिंह ने जम्मू-कश्मीर के फिजिकली चैंलेज रोलर स्केटर चानदीप सिंह के लिए आर्थिक मदद की अपील की है। उत्तराखंड में हाल में ही हुई ऑल इंडिया रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में चानदीप सिंह ने कांस्य पदक जीता था।
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खास बात यह है कि 16 साल के इस फिजिकली चैलेंज स्केटर ने 15 से 16 सामान्य बच्चों के बीच रिंक रेस में यह पदक हासिल किया।

करीब चार साल पहले बिजली लाइन से हुए हादसे में दोनों हाथ गंवा चुके चानदीप ने अपने इलाज के लिए मिल्खा सिंह से मदद मांगी। बुधवार को सिटी ब्यूटीफुल में अपने आवास पर मिल्खा सिंह ने चानदीप के हौसले की सराहना करते हुए कहा कि वह ‘मिल्खा चैरिटेबल ट्रस्ट’ के माध्यम से चानदीप की मदद की जाएगी।

उसकी दोनों बाजू लगाने पर 40 से 50 लाख रुपये का खर्च आ सकता है। इसलिए आम लोगों के साथ-साथ वह खेल मंत्रालय से भी मदद की अपील करेंगे।
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चानदीप की मदद के ‌लिए डॉक्टर बेटी से ले रहे सलाह

मिल्खा सिंह की बेटी अमेरिका में डॉक्टर हैं। वह बेटी से भी सलाह मशविरा कर रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द चानदीप की मदद की जा सके।

‘देश के अंबेसडर होते हैं स्पोर्ट्समैन’: मिल्खा सिंह ने कहा कि अगर इस बच्चे की बाजू लग जाती है तो यह कम से कम वह अपना गुजर-वसर खुद से कर सकता है। वर्ष-1958 से 62 तक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके मिल्खा का मनाना है कि इस तरह के स्पोर्ट्सपर्सन की मदद की जानी चाहिए, क्योंकि एक खिलाड़ी देश के अंबेसडर की तरह होते हैं।

हादसे के बाद भी हिम्मत नहीं हारी: चानदीप ने वर्ष 2011 में हुए हादसे के अगले वर्ष स्केटिंग शुरू कर दी थी। जम्मू के बनियान इंटरनेशनल स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र चानदीप ने बताया कि छत पर खेलते हुए बिजली का करंट लगने से दोनों हाथ गंवा दिए।

उसके पिता सरकारी नौकरी करते हैं, लेकिन दोनों बाजू लगवाने पर आने वाले खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। इसलिए दो दिन पहले ही मिल्खा सिंह से मदद मांगी है। बहन और पिता स्केटिंग में उसकी मदद करते हैं।
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