तेज हवा, बारिश-ओलों ने गिराई गेहूं की फसल
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पंजाब में दो दिन से फसल की बर्बादी और मुश्किलों की बारिश जारी है। शुक्रवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश से गेहूं की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। बारिश के बाद तेज हवा चलने से फसलें गिर गई, जिससे झाड़ कम रहने की आशंका जताई जा रही है। प्रदेश में इस बार 33 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई की गई है।
जालंधर में 1.65 लाख हेक्टेयर पर गेहूं बोया गया है। बारिश से खेतों में पानी जमा होने से फसल के गिरने का डर बना हुआ है। पटियाला में शनिवार को 15.5 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, लुधियाना में पिछले 24 घंटों के दौरान 20.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।
चीफ एग्रीकल्चर अफसर एसएस सेखों का कहना है कि स्टाफ को खेतों में जाकर सर्वे करने को कहा गया है। उनका कहना है कि जिले में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। बठिंडा में शनिवार सुबह सात बजे तक 11.4 एमएम बारिश हुई थी। शनिवार को करीब 12 एमएम बरसात हुई। फिरोजपुर, फतेहगढ़ साहिब, मानसा, मोगा और संगरूर में भी बरसात और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन-एकता के प्रदेश महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां का कहना है कि बारिश ने किसान का गणित बिगाड़ दिया है। पंजाब में कई जगह ओले गिरने से फसल को नुकसान हुआ है। झाड़ में 25 से तीस फीसदी तक कमी आ सकती है जबकि ओलों से नुकसान बढ़ सकता है। उनकी मांग है कि सरकार तुरंत गिरदावरी करके किसानों को मुआवजा दे। यूनियन की मांग है कि सौ फीसदी नुकसान पर 40 हजार रुपये प्रति एकड़ और कम नुकसान पर इसके अनुपात में मुआवजा दिया जाए।