फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान, नाराज किसानों ने लगाया जाम

Fri, 12 Oct 2018 12:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
किसानों ने लगाया जाम
विज्ञापन

हरियाणा के अंबाला सिटी में गुरुवार सुबह करीब तीन बजे बारिश के साथ आसमान से ओले बरस पड़े। इस कारण किसानों की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। गुस्साए किसानों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग को लेकर अंबाला-कैथल हाईवे पर सकराओं मोड़ के नजदीक जाम लगा दिया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर करीब तीन घंटे तक वाहनों की कतारें लगी रहीं।

विज्ञापन


 मौके पर पहुंचे विधायक असीम गोयल, तहसीलदार कनव लाकड़ा समेत अनेक अधिकारियों ने आश्वासन देकर जाम खुलवाने की कोशिश की, लेकिन किसान मुआवजे के स्थायी आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद एसडीएम मीनाक्षी दहिया जाम खुलवाने के लिए पहुंचीं। इस पर किसान बोले कि मैडम हमें स्थायी आश्वासन दो, नहीं तो हमारे लठ मरवा दो।

 इस पर एसडीएम ने भी किसानों को कड़े शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि हम लठ मारने के हक में नहीं हैं। मैंने लठ मरवाने होते तो मैं न आती, वहीं से मरवा देती लठ। इसके बाद उन्होंने किसानों को 25 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की गारंटी दी। किसानों ने शुक्रिया करते हुए तीन घंटे बाद जाम खोला। इस दौरान मक्खन सिंह लबाना, बलविंद्र पूनिया, रिंकू पूनिया, शीशपाल जंधेड़ी, विवेक ललाना सहित अनेक नेता मौजूद रहे। 

विज्ञापन

किसानों को मिले उचित मुआवजा : पूनिया 

बरिश से बर्बाद फसल
कांग्रेस नेता बलविंद्र सिंह पूनिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सदा किसानों के साथ हर सुख-दुख में खड़ी है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा के नाम पर भी यह सरकार किसानों का शोषण कर चुकी है। हम चाहते हैं कि किसानों को जितना भी नुकसान हुआ है, उसका शत प्रतिशत मुआवजा किसानों को जल्द दिया जाए। 

भाजपा से नाराज हैं किसान : सैनी 
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अभय सैनी ने कहा कि अंबाला विधायक को बारिश व ओलावृष्ठि से हुए नुकसान के बाद सुबह ही किसानों को मुआवाजा देने के ऑर्डर आला अधिकारियो को देने चाहिए थे। यही कारण था कि किसानों ने रोड जाम किया और विधायक असीम गोयल की एक न सुनी। 

35 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे सरकार : मलौर 
पूर्व विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य जसबीर मलौर ने सरकार से मांग की कि ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 35 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दे। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से पहले से महंगाई की मार झेल रहे किसानों पर प्रकृति की यह मार पड़ने से वे बिल्कुल बर्बाद हो चुके हैं। 

50 हजार प्रति एकड़ का मुआवजा दे सरकार : हिम्मत 
तेल की बढ़ी कीमतों व फसलों के सही दाम न मिलने से किसान पहले ही दुखी थे। अब अचानक हुई बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कांग्रेस नेता हिम्मत सिंह ने गुरुवार को उन गांवों का मुआयना किया जहां बारिश व ओलों की वजह से किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। इस दौरान उन्होंने प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनके दर्द को साझा किया। किसानों के नुकसान की भरपाई हो सके, इसके लिए हिम्मत सिंह ने राज्य सरकार से तत्काल 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन

ओलावृष्टि के कारण 60 भेड़ों की मौत, 30 से ज्यादा घायल  

मृत पड़ी भेड़ें
बारिश व ओलावृष्टि गौरसियां के पशुपालक पर भारी पड़ी। ओलावृष्टि के कारण पशुपालक की 60 भेड़ों की मौत हो गई जबकि 30 से अधिक घायल हो गई है। सुबह भेड़ों को मृत देख पशुपालक के पैरों तले जमीन खिसक गई। जैसे-तैसे घायल भेड़ों को सुबह उसने बचाया। मामले की जानकारी फिलहाल नग्गल थाना पुलिस को दी गई है जबकि पशु पालक ने प्रशासन से मुआवजे की भी मांग की है। 

 गुरुवार तड़के तेज बारिश के दौरान ओलावृष्टि भी हुई। बताते हैं कि ओले इतने बड़े थे की कार की छतों में डेंट तक पड़ गया। गांव गौरसियां में पशु पालक जगरनाथ बीती रात अपनी करीब सवा सौ भेड़ों को गांव नग्गल के खाली खेतों में चरा रहा था। अंधेरा होने की वजह से वह खेत के पास ही ट्यूबवेल के साथ बने कमरे में सो गया जबकि भेड़ें खाली खेत में ही मौजूद थी। उसने बताया कि करीब तीन बजे जोरदार बिजली कड़की जिससे घबराकर उसकी भेड़ें इधर-उधर भागने लगी। 

उसने कमरे से बाहर निकलने का प्रयास किया, मगर भारी ओलावृष्टि की वजह से वह कमरे में ही रहने को मजबूर हुआ। पशुपालक ने बताया कि काफी बड़े ओले गिरे थे। करीब दो घंटे बाद तड़के दिन चढ़ते ही वह कमरे से बाहर निकला और अपनी भेड़ों को खोजना आरंभ कर दिया। कुछ दूरी पर ही उसे उसकी कई भेड़े मृत मिलीं। इस दौरान करीब 60 भेड़ें मृत मिली, जबकि 30 से अधिक भेड़ों की हालत खराब थी जिन्हें पशु चिकित्सक के पास उपचार के लिए ले जाया गया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें