मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने और गंदे वातावरण में खाना तैयार करने वाले रेस्टोरेंट व डेयरी संस्थानों पर स्वास्थ्य विभाग के फूड सेफ्टी विंग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
पिछले कई महीनों में अभियान के दौरान डिपार्टमेंट ने कई रेस्टारेंट के किचन की जांच की और सैंपल जांच के लिए भेजे। जांच रिपोर्ट आने के बाद जुर्माना लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली एक रिपोर्ट के मुताबिक सेक्टर 17 स्थित काफी हाउस पर करीब 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक इंडियन काफी हाउस के किचन में दूषित वातावरण में खाद्य पदार्थ तैयार किया जाता था। डिपार्टमेंट ने उसे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 की धारा सेक्शन 26 (2) व सेक्शन 56 के उल्लंघन का दोषी माना है और हाउस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। कुछ इसी तरह से सेक्टर सात स्थित सिप-इन-डाइन रेस्टोरेंट को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 की धारा 26 (2) और 56 का उल्लंघन करने पर 50 हजार का जुर्माना ठोका है। यहां भी दूषित वातावरण में फूड तैयार किया जा रहा था।
घटिया दूध बेचने पर तीन लाख जुर्माना
कई डेयरी संचालक दूध की घटिया क्वालिटी बेच रहे थे। जांच में उनके प्रोडक्ट की सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सेक्टर 26 स्थित बापू धाम कालोनी की स्वर्ण डेयरी को घटिया दूध बेचने पर करीब दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मनीमाजरा स्थित मानव डेयरी को सब स्टैंडर्ड वाटिका गोल्ड दूध बेचने का दोषी पाया गया है। डिपार्टमेंट ने डेयरी पर करीब तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
लगातार भरे जा रहे सैंपल
त्योहारों को देखते हुए फूड सेफ्टी विंग की ओर से बाजारों में लगातार सैपलिंग की जा रही है। पिछले दिनों सेक्टर 26 की होल सेल मार्केट से कई प्रोडक्ट के सैंपल भरे गए। इसके अलावा पिछले हफ्ते पीयू के स्टूडेंट सेंटर से सैंपल भरे गए। इसके अलावा रेस्टोरेंट की भी जांच की जा रही है। जहां भी दूषित वातावरण मिलता, तुरंत नोटिस जारी किए जा रहे हैं।