मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक अगले चार-पांच दिनों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बता दें कि इस माह के 12 दिन बीत चुके हैं, मगर इस माह में हिसार में अब तक मात्र 1.0 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वैसे तो इस माह में जिले में 57.9 एमएम औसत बारिश होती है। जिले में जून व जुलाई में औसत से ज्यादा तो अगस्त में औसत से कम बारिश दर्ज की गई। 3 सितंबर को शहर में हल्की बारिश हुई थी। तब से लोग बारिश के लिए तरस रहे हैं।
कुछ मिनटों के लिए छाए बादल
सुबह मौसम एकदम साफ था। इस कारण गर्मी भी ज्यादा थी। वातावरण में नमी की मात्रा ज्यादा होने से उमस भी ज्यादा थी, हालांकि करीब दो बजे आसमान में हल्के बादल छाए। इन बादलों को देखकर ऐसा लगा कि मानो आज इंद्र देवता मेहरबान होंगे। मगर कुछ ही देर में आसमान साफ हो गया।
दिल्ली-एनसीआर में भी 15 तक बारिश की संभावना
मानसून सिस्टम सक्रिय होने से दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में भी 13 सितंबर को हल्की तीव्रता के साथ बारिश होने की उम्मीद है, जो 14 सितंबर और 15 सितंबर को बढ़ सकती है।
मानसून सीजन के तीन दिन बाकी
प्रदेश में मानसून सीजन 1 जून से 15 सितंबर तक माना जाता है। इसके बाद लौटना शुरू कर देता है। ऐसे में सीजन के सिर्फ तीन दिन बाकी रह गए हैं। हालांकि कई बार यह निर्धारित तिथि से देरी से भी लौटता है। इस बार भी एक हफ्ते के बाद मानसून के लौटने की संभावना जताई जा रही है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2013 में यह 4 अक्टूबर तक लौटा था, जबकि पिछले वर्ष 2018 में मानसून 1 अक्टूबर को लौटा था।
पिछले 10 वर्षों में इस माह का सबसे गर्म दिन
वर्ष-तिथि- अधिकतम तापमान
2018-01 सितंबर-38.4
2017-30 सितंबर-39.0
2016-22 सितंबर-38.2
2015-11 सितंबर-39.0
2014-21 सितंबर-38.0
2013-16 सितंबर-38.5
2012-11 सितंबर-36.5
2011-01 सितंबर-36.5
2010-03 सितंबर-37.6
2009-26 सितंबर-40.3
कहां कितनी कम बारिश (प्रतिशत में)
रोहतक- 70
पंचकूला- 65
पानीपत- 60
फतेहाबाद-59
झज्जर-56
सोनीपत-54