गवर्नमेंट मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल सेक्टर 32 (जीएमसीएच 32) में कैथ लैब में मशीन का इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है। तीन सितंबर तक कैथ लैब अस्पताल प्रशासन को सौंपा जा सकता है। उसके बाद कैथ लैब में गंभीर मरीजों की सर्जरी शुरू हो जाएगी।
यह भी संभावना जताई जा रही है कि जब 25 सितंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा जीएमसीएच आएंगे तो उनसे कैथ लैब का उद्घाटन करवाया जाएगा। हरियाणा, पंजाब में एक भी कैथ लैब नहीं है। यहां के मरीजों को पीजीआई में आना पड़ता है।
मेडिकल कालेज में कैथ लैब खुलने के बाद हार्ट के मरीजों को काफी राहत मिलेगी। कैथ लैब जीएमसीएच 32 के ब्लाक सी के पांचवें फ्लोर पर स्थापित की जा रही है। पीजीआई में कैथ लैब 1974 में स्थापित हुई थी।
इन सभी मर्ज का इलाज शुरू हो जाएगा
जीएमसीएच 32 में कार्डियक ओपीडी करीब एक साल पहले शुरू हुई थी। कार्डियोलाजी डा. जीत राम कश्यप ने हास्पिटल को ज्वाइन किया था। कैथ लैब शुरू होने से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, एडवांस पेसमेकर, तंग वाल्व को खोलना, दिल के छेद का भी इलाज शुरू हो जाएगा।
बिना कैथ लैब सपोर्ट के ही जीएमसीएच 32 के स्टाफ ने कई गंभीर मरीजों का इलाज किया है। इनमें खास तौर पर लोवर लिंब की एंजियोप्लास्टी, ड्यूल चैंबर पेसमेकर, इनफेरियर वीना कावा फिल्टर (आईवीसी), कैरोटिड आर्टरी स्टैंटटिंग सहित इलाज मरीजों को मुहैया करवाया गया है।
स्टाफ भी जल्द मिल जाएगा
कैथ लैब को चलाने के लिए जीएमसीएच 32 को काफी ट्रेंड स्टाफ की जरूरत पड़ेगी। इसमें तीन कार्डियोलाजिस्ट, 15 सीनियर रेजिडेंस, 10 जूनियर रेजिडेंस, 15 टेक्नीशियन और 40 स्टाफ नर्स की जरूरत पड़ेगी। पीजीआई के कार्डियोलाजिस्ट डा. रेड्डी जीएमसीएच 32 को ज्वाइन करेंगे।
हालांकि संस्थान का दावा है कि स्टाफ की परमिशन की फाइल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में आखिरी स्टेज पर है। 25 सितंबर से पहले स्टाफ की भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जीएमसीएच 32 में फिलहाल डा. जीत राम कश्यप ही कार्डियोलाजिस्ट है।
डा. रेड्डी को पहले से ही हरी झंडी मिल चुकी है, लेकिन उन्होंने अब तक कालेज को ज्वाइन नहीं किया है। वे फिलहाल पीजीआई में ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जीएमसीएच 32 के कुछ स्टाफ को ट्रेनिंग के लिए पीजीआई भी भेजा जा रहा है।