तरनतारन रोड अमृतसर स्थित चब्बा गांव में सरबत खालसा के आयोजन के बाद पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए शिअद (अमृतसर) के सरपरस्त सिमरनजीत सिंह मान की ओर से दायर याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी है।
पिछली सुनवाई पर जस्टिस शबीना की एकल बेंच ने पंजाब सरकार से पूछा था कि क्यों न पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की जाए। मान ने याचिका में कहा था कि उनके पास हाईकोर्ट का आदेश है कि उन्हें किसी मामले में गिरफ्तार करने से पहले सात दिन का नोटिस दिया जाना जरूरी है, लेकिन इस आदेश की परवाह न करते हुए पुलिस ने उन्हें घर से उठा लिया और नाजायज तौर पर हिरासत में रखा। याचिका में मान ने हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एडवोकेट रंजन लखनपाल के माध्यम से दायर याचिका में मान ने पुलिस पर बदसलूकी और खींचतान करने का आरोप लगाया है। याचिका में कहा है कि जनवरी 2008 में हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि उन्हें गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को एक हफ्ते का नोटिस देना जरूरी है। जिस वक्त पुलिस ने उन्हें अमृतसर में हिरासत में लिया, उस वक्त हाईकोर्ट के आदेश की कापी पुलिस को दिखाई गई, लेकिन पुलिस ने आदेश की परवाह न करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।
मान ने यह आरोप भी लगाया है जिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया, उन्होंने अपनी पहचान तक नहीं बताई। बाद में पता चला कि इनमें अमृतसर के पुलिस कमिश्नर शामिल भी हैं। यह भी कहा है कि उन्हें उत्पात मचाने के मामले में गिरफ्तार भी किया गया और वह जमानत लेकर ही रिहा हो पाए।
मान ने हाईकोर्ट का आदेश दिखाने के बावजूद उन्हें हिरासत में लेने का आरोप लगाते हुए कमिश्नर के अलावा उन सभी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जो इसमें शामिल थे।