एनआईए कोर्ट ने पाकिस्तानी दूतावास के जरिए गवाहों को गवाही देने के लिए छह बार समन भेजे थे। इसके बाद भी कोई गवाही देने नहीं आया था। बहस खत्म होने के बाद पाकिस्तान की महिला राहिला ने वकील मोमिन मलिक को मेल भेजकर बताया कि समझौता ब्लास्ट मामले में वह अपने बयान दर्ज करवाना चाहती है।
इसके अलावा इसमें राणा मोहम्मद शौकत और मोहम्मद शमीमउल्लाह भी गवाह हैं। अपनी अर्जी में राहिला ने कोर्ट में दलील दी थी कि समझौता ब्लास्ट मामले में जो भी पाकिस्तान के गवाह हैं, उन्हें समन देकर बुलाया नहीं गया है। इस मामले से जुड़ी स्टेटमेंट रिकार्ड कराने के लिए उन्होंने अर्जी दी है। अब राहिला की गवाही की अर्जी पर सुनवाई 18 मार्च को होगी। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष की ओर से जवाब मिलने के बाद वह इस मामले में अपने फैक्ट रखेंगे और सवालों के जवाब देंगे। इसके बाद इस गवाही की अर्जी का फैसला कोर्ट सनाएगी।
भारत की जेलों में कर चुके हैं राहिला के पिता की तलाश
पाकिस्तानी नागरिक राहिला के वकील ने बताया कि वे पिछले 10 साल से उनके वकील हैं। राहिला को शक था कि कहीं उनके पिता जिंदा तो नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने 2010 से राहिला के पिता की हरियाणा, पंजाब, दिल्ली समेत देश की 90 जेलों में तलाश की। इनके रिप्लाई भी उनके पास मौजूद हैं।