गौरतलब है कि कोविड प्रबंधन में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मौजूदा प्रयासों को सुदृढ़ बनाने के लिए केंद्र सरकार समय-समय पर केंद्रीय टीमों को भेजती है। टीम की रिपोर्ट को स्थानीय सरकार व प्रशासन के साथ साझा किया जाता है, ताकि इस पर आगे कार्रवाई की जा सके। रिपोर्ट पर आगे की जाने वाली कार्रवाई और उनके अनुपालन की निगरानी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय करता है।
पिछले साल सितंबर में तेजी से बढ़े थे केस, तब भी केंद्र ने भेजी थी टीम
पिछले साल सितंबर में शहर में कोरोना के सक्रिय मामले दो हजार से ज्यादा हो गए थे, इसके बाद केंद्र सरकार ने दो विशेषज्ञों को भेजा था। टीम ने जन स्वास्थ्य को मजबूत करने, मरीजों की निगरानी, कोरोना जांच, कंटेनमेंट जोन और क्लीनिकल मैनेजमेंट पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को रिपोर्ट दी थी।
रिपोर्ट में उन्होंने संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की पहचान के लिए बनाई गई टीम को और मजबूत करने, सेक्टर-32 मेडिकल कॉलेज में टेस्टिंग की सुविधा बढ़ाने, जोन स्तर पर कांटैक्ट ट्रेसिंग टीम तैयार करने, तीनों अस्पतालों के बीच तालमेल बढ़ाने, ज्यादा कर्मचारियों को प्रशिक्षित और रियल टाइम डाटा अपडेट करने की नीति पर काम करने समेत कई सुझाव दिए थे। इनमें से कुछ सुझावों पर प्रशासन ने काम किया, जिसके सकारात्मक नतीजे देखने को मिले थे।