अस्पतालों में सफाई की पोल उस समय खुल गई, जब दौरे को पहुंचे स्वास्थ्य निदेशक खुद ही टायलेट साफ करने लगे। हैरानीजनक तो ये रहा कि जब वह टॉयलेट साफ कर रहे थे तो किसी भी स्टाफ ने उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं दिखाई।
ये मामला, हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित अस्पताल का है। यहां स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सतीश अग्रवाल ने अस्पताल में आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों से स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। कुछ मरीजों ने यहां पर दवाओं और दूसरे संसाधनों नहीं होने की बात कही। इस पर उन्होंने विभाग के अधिकारियों को समस्याओं को जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीएमओ की देखरेख में चिकित्सकों के साथ बैठक कर सरकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ में मरीजों के इलाज में कोताही बरतने वाले चिकित्सकों व पैरा मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही।
स्वास्थ्य निदेशक के आने की सूचना पहले ही चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को थी। ऐसे में अधिकतर चिकित्सक उनके निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने अस्पताल परिसर में पौधे रोपित किए और यहां के स्टाफ को उनकी देखभाल के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आमजन को संस्थागत डिलीवरी कराने के लिए प्रेरित किया।
वार्ड से शौचालय तक किया निरीक्षण
निदेशक डॉ. सतीश अग्रवाल ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर यहां के प्रबंधन को हिदायत भी दी। उन्होंने प्रसूतिगृह, एसएनसीयू वार्ड, जनरल वार्ड व शौचालयों का निरीक्षण किया। शौचालयों में साफ-सफाई सही न पाने पर उन्होंने दरवाजों, टाइलों व शौचालयों में सफाई की। उन्होंने सही तरह से शौचालयों की देखरेख के लिए अस्पताल प्रबंधन को कड़े निर्देश भी दिए। उन्होंने एसएनसीयू व लेबर रूम के अंदर की व्यवस्थाओं को काफी हद तक ठीक बताया।
उन्होंने अस्पताल में खराब पड़ी लिफ्ट को लेकर अलग से एस्टीमेट बनाकर इन्हें जल्द सुचारू चालू करवाने के लिए कहा है। इस मौके पर उनके साथ सीएमओ डॉ. रमेश धनखड़, डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक शर्मा, डॉ. पुष्पलता, डॉ. राजकरण, डॉ. सुमन कोहली, डॉ. रणवीर खासा, डॉ. मधुप सेठी, डॉ. संदीप, डॉ. अनिल हुड्डा, डॉ. संजू राठी व डॉ. विनय देसवाल, देवेंद्र, रविंद्र सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।