पंजाब के लोगों को अब इलाज के लिए अस्पतालों में लाइनों में लगकर अपनी रिपोर्ट व सेहत से जुड़े दस्तावेजों को संभालने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। लोगों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सेहत कार्ड बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है। यह कार्ड बनने के बाद आपको डॉक्टर के पास जाते ही कार्ड का नंबर बताना होगा। फिर डॉक्टर अपने कंप्यूटर या मोबाइल पर एक क्लिक से मरीज की सेहत कुंडली के बारे में जान पाएगा। सेहत विभाग का दावा है कि 55 लाख लोगों ने अपने कार्ड भी बना लिए हैं।
परिवार एवं सेहत भलाई विभाग की तरफ कुछ समय पहले ही लोगों के हेल्थ कार्ड बनाने की मुहिम शुरू की गई थी। इसके पीछे सोच यही थी कि मरीजों को उचित इलाज मिल पाए। अगर उनका कोई दस्तावेज या पर्ची गुम भी हो जाए तो इसके लिए परेशानी न उठानी पड़े। इसके अलावा सरकार के पास भी रिकॉर्ड रहे कि सूबे के लोग किन बीमारियों से पीड़ित हैं। साथ ही उन्हें भविष्य में किस तरह का काम करना होगा इन सब चीजों को आधार बनाकर इस दिशा में कदम बढ़ाया गया।
शुरुआती चरण में स्कीम को अच्छा रिस्पांस मिला। सभी लोग आसानी से अपने हेल्थ कार्ड बना पाएं इसके लिए विभाग लोगों को जागरूक कर रहा है। सभी सिविल अस्पतालों व सब डिवीजन अस्पतालों में लोगों को इसके बारे में जागरूक किया जा रहा है। सेहत मंत्री बलबीर सिंह का कहना है कि सरकार की कोशिश यही है कि पहल के आधार पर लोगों के कार्ड बनें। इसके लिए जागरूकता मुहिम चलाई जा रही है।
कार्ड से लोगों को यह फायदा हुआ
इस कार्ड से मरीज की सेहत से जुड़े सारे विवरण और रिपोर्ट एक जगह रहेगी। मरीज अपनी सारी रिपोर्ट अपने डॉक्टर को किसी भी सेहत संस्था में जाकर दिखा सकता है। ऐसे में इलाज करते समय डॉक्टरों को सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उसे मरीज का पुराना इतिहास जानने के लिए दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी।